ये एक सही सवाल है मैं इसका जवाब ज़रूर देना चाहूँगी। जब आप नेटवर्क मार्केटिंग करने के लिए एक सही कंपनी का चुनाव कर लेते है तो आपके मन में सबसे पहले ये ही सवाल आता है कि नेटवर्क मार्केटिंग कैसे करें। अगर आप नेटवर्क मार्केटिंग में नए हैं तो नेटवर्क मार्केटिंग 5.0 को ज़रूर पढ़ियें। इससे आपकी इस इंडस्ट्री के प्रति जानकारी बढ़ेगी क्योंकि जानकारी बिना आप किसी भी व्यवसाय में अच्छा नहीं कर सकते हैं। साथ ही साथ जब आप नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी से जुड़ते हैं तो आपको ट्रेनिंग भी दी जाती है जिसमें आपको ये बताया जाता है कि कैसे आपको कंपनी के प्रोडक्ट और सेवा को लोगों तक पहुँचाना है। इस ट्रेनिंग के ज़रियें आप
ये एक सही सवाल है मैं इसका जवाब ज़रूर देना चाहूँगी। जब आप नेटवर्क मार्केटिंग करने के लिए एक सही कंपनी का चुनाव कर लेते है तो आपके मन में सबसे पहले ये ही सवाल आता है कि नेटवर्क मार्केटिंग कैसे करें। अगर आप नेटवर्क मार्केटिंग में नए हैं तो नेटवर्क मार्केटिंग 5.0 को ज़रूर पढ़ियें। इससे आपकी इस इंडस्ट्री के प्रति जानकारी बढ़ेगी क्योंकि जानकारी बिना आप किसी भी व्यवसाय में अच्छा नहीं कर सकते हैं। साथ ही साथ जब आप नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी से जुड़ते हैं तो आपको ट्रेनिंग भी दी जाती है जिसमें आपको ये बताया जाता है कि कैसे आपको कंपनी के प्रोडक्ट और सेवा को लोगों तक पहुँचाना है। इस ट्रेनिंग के ज़रियें आप एक अच्छा बिज़नेस करने वाले व्यक्ति बन सकते हैं। ये इतना आसान भी नहीं है जितना ये दिखता है।
ट्रेनिंग लेने के बाद आपको सफलता मिलेगी या नहीं ये पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है कई लोग है जो ट्रेनिंग लेने के बाद भी सफल नहीं हो पाते हैं क्योंकि उनमें बिज़नेस करने की क्षमता ही नहीं होती है। नेटवर्क मार्केटिंग में सबसे ज़रुरी बात ये है कि लोगों का आप पर भरोसा हो इसलिए ज़्यादातर मार्केटर कंपनी के प्रोडक्ट अपने रिश्तेदारों को बेचते हैं या उस व्यक्ति को बेचते हैं जो व्यक्ति इस प्रोडक्ट को लेने में रुचि ले रहा हो। नेटवर्क मार्केटिंग करने से पहले आपको एक लिस्ट तैयार करनी होगी। उन लोगों कि जो लोग आप पर भरोसा करते हैं वो ऐसे लोग होने चाहिए जिन पर अन्य लोग भी भरोसा करते हो। उन लोगों की लिस्ट बनायें और उनको एक-एक करके इस बिज़नेस के बारे में समझायें और नेटवर्क मार्केटिंग की जानकारी को बढ़ायें। साथ ही साथ टारगेट मार्केट को भी जानें कि लोगों को किस तरह के प्रोडक्ट की ज़रूरत है।
नेटवर्क मार्केटिंग - सबसे पहले तो ये जानना जरुरी है की मार्केटिंग होती क्या है | नेटवर्क मार्केटिंग एक तरीके की मार्केटिंग है जिसमे आप खुद कुछ व्यक्तियों को जोड़ पैसे कमा सकते है बहुत से लोगो को ये फ्रॉड काम लगता है लेकिन कई सारी कंपनियाँ है, जो आपको नेटवर्क मार्केटिंग के जरिये पैसे कमाने का मौका देती है | आपके सपनों को पूरा करने का मौका देती है | नेटवर्क मार्केटिंग के बारे में और जानकारी जानने के लिए आप Network Marketing 5.0 का इस्तेमाल कर कर सकते है |
भारत में बहुत सारी कम्पनी है जो प्रोडक्ट बनती है | इन प्रोडक्ट को बेचने के लिए कई कंपनी प्रचार- प्रसार का माध्यम चुनती है तो कुछ कंपनी अपने प्रो
नेटवर्क मार्केटिंग - सबसे पहले तो ये जानना जरुरी है की मार्केटिंग होती क्या है | नेटवर्क मार्केटिंग एक तरीके की मार्केटिंग है जिसमे आप खुद कुछ व्यक्तियों को जोड़ पैसे कमा सकते है बहुत से लोगो को ये फ्रॉड काम लगता है लेकिन कई सारी कंपनियाँ है, जो आपको नेटवर्क मार्केटिंग के जरिये पैसे कमाने का मौका देती है | आपके सपनों को पूरा करने का मौका देती है | नेटवर्क मार्केटिंग के बारे में और जानकारी जानने के लिए आप Network Marketing 5.0 का इस्तेमाल कर कर सकते है |
भारत में बहुत सारी कम्पनी है जो प्रोडक्ट बनती है | इन प्रोडक्ट को बेचने के लिए कई कंपनी प्रचार- प्रसार का माध्यम चुनती है तो कुछ कंपनी अपने प्रोडक्ट को सीधे लोगो के माध्यम से बेचती है | लोग इसे एक बिज़नेस की तरह करते है | इसमें आपको सैलरी नहीं मिलती जैसा काम होता है उसी अनुसार कमीशन मिलती है |
इसमें कंपनी डिस्ट्रीब्यूटर को कुछ प्रोडक्ट देती है जिसको उनको दूसरे व्यक्ति को बेचना होता है और साथ में अपनी कंपनी के पॉलिसी के बारे में बताना होता है | जब आप अपनी कंपनी का प्रोडक्ट बेचते है तो उसपे आपको कमीशन मिलता है | जिस व्यक्ति को आप प्रोडक्ट बेचते है और अपनी कंपनी के पॉलिसी के बारे में बताते है और वह व्यक्ति आपके साथ जुड़ जाता है और उसके कोई भी प्रोडक्ट को बेचने पे भी आपको कमीशन मिलता है | जैसे आपने अपने नीचे उस व्यक्ति को जोड़ा वैसे ही वो भी अपने नीचे किसी और व्यक्ति को जोड़ेगा और ऐसे ही यह चलता जायेगा और इसे ही चैन सिस्टम भी बोलते है |
नेटवर्क मार्केटिंग 2 प्रकार की होती है :-
1 B2B - Business to business
2 B2C - Business to consumer
1. Business to business -
B2B मार्केटिंग में व्यक्ति प्रोडक्ट को पहले से बने हुए बिज़नेस के लिए प्रमोट करता है और ऑफलाइन की बात करे तो, Whole Seller को टार्गेट करते है |
2. Business to consumer -
B2C मार्केटिंग में डिस्ट्रीब्यूटर सीधा कस्टमर को टार्गेट कर प्रचार करता है | इसमें भी आप ऑनलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से काम कर सकते है |
नेटवर्क मार्केटिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है ऑनलाइन तरीकों को सीखने के लिए Success Blueprint Course देखे हमे इस कोर्स से बहुत सहायता मिली है |
सोशल नेटवर्किंग, दोस्तों, परिवार, सहपाठियों, ग्राहकों और ग्राहकों के साथ संबंध बनाने के लिए इंटरनेट आधारित सोशल मीडिया कार्यक्रमों का उपयोग है । ब्रांड पहचान और वफादारी बढ़ाने के लिए विपणक(Marketers) सोशल नेटवर्किंग का उपयोग करते हैं ।
नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस का एजेंडा है नेटवर्क बढ़ाना। अगर आप नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी में जुड़ते है तो आपको नेटवर्क भी बनाना होगा। और इसकी कोई भी लिमिट नहीं है।
जितने ज्यादा नेटवर्क उतना ज्यादा आपका काम देखा जाएगा और आपकी इनकम भी उसी के अनुसार होगी। नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस में नेटवर्क बनाना इतना आसान काम नहीं है जिसमे लोगो को कंपनी के बारे में जागरूक करना पड़ता है, उनको प्रोडक्ट के बारे में जानकारी देनी होती है, पूरी तरह से कस्टमर को मानना ताकि वह कंपनी के साथ जुड़ने के लिए तैयार हो जाए।
आज के समय पे नेटवर्क बनाना बहुत ही कठिन हो गया है। लोगो के मन में नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस के प्रति नक
नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस का एजेंडा है नेटवर्क बढ़ाना। अगर आप नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी में जुड़ते है तो आपको नेटवर्क भी बनाना होगा। और इसकी कोई भी लिमिट नहीं है।
जितने ज्यादा नेटवर्क उतना ज्यादा आपका काम देखा जाएगा और आपकी इनकम भी उसी के अनुसार होगी। नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस में नेटवर्क बनाना इतना आसान काम नहीं है जिसमे लोगो को कंपनी के बारे में जागरूक करना पड़ता है, उनको प्रोडक्ट के बारे में जानकारी देनी होती है, पूरी तरह से कस्टमर को मानना ताकि वह कंपनी के साथ जुड़ने के लिए तैयार हो जाए।
आज के समय पे नेटवर्क बनाना बहुत ही कठिन हो गया है। लोगो के मन में नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस के प्रति नकारात्मक भावनाएँ बैठ गई है। जिसको निकालना आसान नहीं है। और यहां पर नेटवर्कर को ना भी सुन्नी पढ़ती है।
अभी की कई लोग यह बिज़नेस पुराने तरीकों से कर रहे है जिससे उनको बहुत मेहनत करनी पढ़ती है और फिर भी उनका काम नहीं बन पाता, लेकिन मेरी एक दोस्त के जरिए मुझे Loopin Tool के बारे में पता चला जिससे नेटवर्क बनाना बहुत ही आसान हो गया है। कम समय में और कम मेहनत करके भी अपने नेटवर्क बड़ा सकते है और अपने सपनों को पूरा कर सकते है।
नेटवर्क बढ़ाने के बहुत सारे ऑप्शन है, जैसे - सोशल मीडिया, आमने - सामने मिलकर बात करना, किसी फंक्शन में मिलना और वहां अपनी कंपनी के बारे में चर्चा करना। ये कुछ तरीके है जिनसे आपके नेटवर्क बढ़ते है लेकिन इसमें में कुछ तरीकों पे बहुत ज्यादा मेहनत करनी पढ़ती है। सोशल मीडिया एक बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म है जहां से आप इस बिज़नेस को आगे बढ़ा सकते है अपने देश में ही भी विदेशों में भी अपने नेटवर्क बढ़ा सकते है।
सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी सही तरीके से किया जाए तभी आपको सफलता मिलेगी। इसके लिए मैंने success blueprint course के बारे में सुना है जिसमे सोशल मीडिया को बेहतर तरीके से कैसे इस्तेमाल करके आप अपने नेटवर्क बढ़ा पाएंगे बताया गया है। कुछ चीजों को ध्यान में रखकर नेटवर्क को बढ़ाए और आगे बढ़े।
इसमें कोई लिमिट नहीं होता ,बल्कि जितने लोगो मो जोरा जाएगा उतना ही फायदा है।
Network marketing is bussiness model used by company to reach the customer as fast as possible. This is bussiness of promotion and word of mouth. For ex you watch 3 idiots and you find movie very interesting. Now you recommend your friend to watch it. I did you get for promoting movie….. nothing. If you use any network marketing product and if they will buy that products. You will get some profit percent. The network marketing company doesn't advertise.
Here I am providing a link that why everybody should do network marketing
आप नेटवर्किंग से अगर अधिक से अधिक पैसा कमाना चाहते है तो उसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी अधिक से अधिक लोगो से मिले लोगो की बातों को जानने की कोशिस करें कि सामने वाला इंसान क्या चाहता है फिर उसके हिसाब से आप उससे बात करें अगर आप उसके इच्छा के मुताबिक बात करते है तो वो आपको अच्छा बिज़नेस दे सकता है जो आपको अधिक से अधिक इनकम देगा।
नेटवर्किंग मार्केट दरअसल एक ऐसा मार्किट है जिसमें आम लोग यानि कि कस्टमर ही अपना नेटवर्क तैयार कर, कंपनी के प्रोडक्ट इस्तेमाल करने और अपने ही नेटवर्क में उस प्रोडक्ट का भरोसे के साथ विज्ञापन करने की क़ीमत उस कंपनी से प्रोत्साहन स्वरूप प्राप्त करते हैं।
क्योंकि परंपरागत मार्किट जैसा कि पहले से चल आ रहा है। उसमें फिल्मी स्टार, बड़े विक्रेता, एजेंट ही कंपनी से इनकम लेते हैं। दूसरे शब्दों में कहूँ तो नेटवर्क मार्किट हम आप सभी को करना चाहिए। विश्वास के साथ इस्तेमाल करने, और आपस मे उसका प्रचार करना और साथ ही साथ पैसा भी कमाना क्या गलत है। और भी विस्तृत जानकारी के लिए हमारे इस आर्टिकल को अवश्य पढ़िए। इस आ
नेटवर्किंग मार्केट दरअसल एक ऐसा मार्किट है जिसमें आम लोग यानि कि कस्टमर ही अपना नेटवर्क तैयार कर, कंपनी के प्रोडक्ट इस्तेमाल करने और अपने ही नेटवर्क में उस प्रोडक्ट का भरोसे के साथ विज्ञापन करने की क़ीमत उस कंपनी से प्रोत्साहन स्वरूप प्राप्त करते हैं।
क्योंकि परंपरागत मार्किट जैसा कि पहले से चल आ रहा है। उसमें फिल्मी स्टार, बड़े विक्रेता, एजेंट ही कंपनी से इनकम लेते हैं। दूसरे शब्दों में कहूँ तो नेटवर्क मार्किट हम आप सभी को करना चाहिए। विश्वास के साथ इस्तेमाल करने, और आपस मे उसका प्रचार करना और साथ ही साथ पैसा भी कमाना क्या गलत है। और भी विस्तृत जानकारी के लिए हमारे इस आर्टिकल को अवश्य पढ़िए। इस आर्टिकल में हमने नेटवर्क मार्केटिंग के बारे में विस्तार और सारगर्भित जानकारी दी है। हमे यक़ीन है पढ़ने के बाद आप नेटवर्क मार्केटिंग क्या है? पूरी तरह समझ चुके होंगे।
नेटवर्क टोपोलोजी क्या है?
नेटवर्क टोपोलॉजी एक नेटवर्क के लेआउट को संदर्भित करता है। किसी नेटवर्क में अलग-अलग नोड्स एक-दूसरे से कैसे जुड़े होते हैं और वे कैसे संवाद करते हैं यह नेटवर्क के टोपोलॉजी द्वारा निर्धारित किया जाता है।
टोपोलॉजी नेटवर्क की आकृति या लेआउट को कहा जाता है | नेटवर्क के विभिन्न नोड किस प्रकार एक दुसरे से जुड़े होते है तथा कैसे एक दुसरे के साथ कम्युनिकेशन स्थापित करते है, उस नेटवर्क को टोपोलॉजी ही निर्धारित करता है टोपोलॉजी फिजिकल या लौजिकल होता है| Computers को आपस में जोडने एवं उसमें डाटा Flow की विधि टोपोलाॅजी कहलाती है। टोपोलॉजी किसी नेटवर्क में कम्प्यूटर के ज्यामिति व्यवस्थ
नेटवर्क टोपोलोजी क्या है?
नेटवर्क टोपोलॉजी एक नेटवर्क के लेआउट को संदर्भित करता है। किसी नेटवर्क में अलग-अलग नोड्स एक-दूसरे से कैसे जुड़े होते हैं और वे कैसे संवाद करते हैं यह नेटवर्क के टोपोलॉजी द्वारा निर्धारित किया जाता है।
टोपोलॉजी नेटवर्क की आकृति या लेआउट को कहा जाता है | नेटवर्क के विभिन्न नोड किस प्रकार एक दुसरे से जुड़े होते है तथा कैसे एक दुसरे के साथ कम्युनिकेशन स्थापित करते है, उस नेटवर्क को टोपोलॉजी ही निर्धारित करता है टोपोलॉजी फिजिकल या लौजिकल होता है| Computers को आपस में जोडने एवं उसमें डाटा Flow की विधि टोपोलाॅजी कहलाती है। टोपोलॉजी किसी नेटवर्क में कम्प्यूटर के ज्यामिति व्यवस्था (Geometric arrangement) को कहते है |
टोपोलॉजी के प्रकार (Types of topology)
नेटवर्क टोपोलॉजी सामान्यत: निम्नलिखित प्रकार की होती है:-
- रिंग टोपोलॉजी (Ring Topology)
- बस टोपोलॉजी (Bus Topology)
- स्टार टोपोलॉजी (Star Topology)
- मेश टोपोलॉजी (Mesh Topology)
- ट्री टोपोलॉजी (Tree Topology)
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फुटनोट
नेटवर्क मार्केटिंग, को मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) के नाम से भी जाना जाता है, यह एक डायरेक्ट सेलिंग विधि है जो किसी प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को बेचने के लिए लोगों के नेटवर्क का उपयोग करती है। IRS के अनुसार, नेटवर्क मार्केटिंग या तो सीधे प्रोडक्ट्स या सर्विसेज बेचकर या दूसरों को उनके लिए प्रोडक्ट्स या सर्विसेज बेचने के लिए भर्ती करके पैसा कमाते हैं। वे व्यक्ति बदले में उसी उत्पाद को बेचने के लिए दूसरों की भर्ती करते हैं, और इसी तरह और आगे, जब तक कि वितरकों का एक पदानुक्रम न हो जो प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को बेच रहे हैं और बढ़ावा दे रहे हैं, इसलिए बहु-स्तरीय विपणन यानि मल्टी-लेवल मार्केटिंग कहते है।
नेटवर्क मार्केटिंग, को मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) के नाम से भी जाना जाता है, यह एक डायरेक्ट सेलिंग विधि है जो किसी प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को बेचने के लिए लोगों के नेटवर्क का उपयोग करती है। IRS के अनुसार, नेटवर्क मार्केटिंग या तो सीधे प्रोडक्ट्स या सर्विसेज बेचकर या दूसरों को उनके लिए प्रोडक्ट्स या सर्विसेज बेचने के लिए भर्ती करके पैसा कमाते हैं। वे व्यक्ति बदले में उसी उत्पाद को बेचने के लिए दूसरों की भर्ती करते हैं, और इसी तरह और आगे, जब तक कि वितरकों का एक पदानुक्रम न हो जो प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को बेच रहे हैं और बढ़ावा दे रहे हैं, इसलिए बहु-स्तरीय विपणन यानि मल्टी-लेवल मार्केटिंग कहते है।
कई नामी कंपनियां हैं जिनका बिजनेस मॉडल नेटवर्क मार्केटिंग पर आधारित है। कुछ उदाहरण Avon, Amway, Herbalife हैं। सिंगल-टियर नेटवर्क एक ऐसी कंपनी है जो ऐसे व्यक्तियों की भर्ती करती है जो प्रत्यक्ष सहयोगी बन जाते हैं और छूट और बिक्री कमीशन से लाभान्वित होते हैं।
नेटवर्क मार्केटिंग एक दशक पुराना मार्केटिंग मॉडल है जिसमें वैध उत्पादों को उचित मूल्य पर सीधे उन उपभोक्ताओं को बेचना शामिल है जिन्हें उनकी आवश्यकता है। स्टोर में उत्पादों को वितरित करने और किराए के सेल्सपर्स पर भरोसा करने के बजाय, कंपनियां वितरकों के एक नेटवर्क का उपयोग करती हैं, जिनमें से कई ग्राहकों के रूप में शुरू हुए।
मार्केटिंग पूरी दुनिया में बहुत प्रकार से मार्केटिंग की जाती है। और हम जानेंगे सबसे ज्यादा प्रकार की मार्केटिंग की जाती है। बो सिर्फ दो प्रकार की मार्केटिंग होती है।
Networking Marketing (नेटवर्किंग मार्केटिंग)
Digital Marketing ( डिजिटल मार्केटिंग )
दोस्तों यही दो प्रकार की मार्केटिंग पूरी दुनिया में की जाती है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़ी बड़ी कंपनी मार्केटिंग करती है
नेटवर्किंग मार्केटिंग क्या होती है ? What is a Networking Marketing.
दोस्तों नेटवर्किंग के बारे भी अपने जरूर सुना होगा। इस तरह की मार्केटिंग में लोग एक पिरामिड के स्टक्चर के रूप में शामिल होते है। और किसी कंपनी में शामिल हो कर प्रोडक
मार्केटिंग पूरी दुनिया में बहुत प्रकार से मार्केटिंग की जाती है। और हम जानेंगे सबसे ज्यादा प्रकार की मार्केटिंग की जाती है। बो सिर्फ दो प्रकार की मार्केटिंग होती है।
Networking Marketing (नेटवर्किंग मार्केटिंग)
Digital Marketing ( डिजिटल मार्केटिंग )
दोस्तों यही दो प्रकार की मार्केटिंग पूरी दुनिया में की जाती है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़ी बड़ी कंपनी मार्केटिंग करती है
नेटवर्किंग मार्केटिंग क्या होती है ? What is a Networking Marketing.
दोस्तों नेटवर्किंग के बारे भी अपने जरूर सुना होगा। इस तरह की मार्केटिंग में लोग एक पिरामिड के स्टक्चर के रूप में शामिल होते है। और किसी कंपनी में शामिल हो कर प्रोडक्ट को बचते है। इस नेटवर्क हर मेंबर एक इंडिपेंडेंट सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव होता है इस नेटवर्क में जुड़ने बाले मेंबर को प्रोडक्ट बेचने पर एक फिक्स कमीशन मिलता है। नेटवर्क मार्केटिंग के जरूये कंपनी से प्रोडक्ट को डारेक्ट कस्टमर तक पहुँचाया जाता है। नेटवर्कंग मार्केटिंग को मल्टी लेवल भी कहा जता है। इसके और भी बहुत सारे नाम होते है।
डिजिटल मार्केटिंग क्या होती है ? What is a Digital Marketing.
डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) वह मार्केटिंग होती है जिस इंटरनेट के जरिये की जाती है। इस तरह की मार्केटिंग इतेमाल करके कोई भी कंपनी अपने कस्टमरस तक अपने प्रोडक्ट की मार्कटिंग कर सकती है। जिसमे अच्छा खासा पैसा भी कमा सकती है। जिस ऑनलाइन मार्केटिंग भी कहते है। जब कोई भी कंपनी अपना नया प्रोडक्ट निकलती है तो उस प्रोडक्ट को सभी लोग को बताने के लिए मार्केटिंग का उपयोग करती है।
मार्केटिंग का मुख्य उदेश्य एक ही होता है सिर्फ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपने प्रोडक्ट को प्रेजेंट करना होता है चाहे बो ऑनलाइन हो या फिर ऑफलाइन। आजकल भारत में सभी लोग इंटरनेट का इतेमाल कर रहे है और यह संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है इसलिए डिजिटल मार्केटिंग बहुत ज्यादा की जा रही है।
मार्केटिंग कितने प्रकार की होती है how may type of Network Marketing.
- लोकल एरिया नेटवर्क (LAN): यह एक छोटा area कवर करता है, जैसे एक इमारत, कार्यालय, या एक establishment area। LAN का उदाहरण घरेलू नेटवर्क या कार्यालय नेटवर्क हो सकता है।
- वाइड एरिया नेटवर्क (WAN): इसमें बहुत बड़े area को कवर किया जाता है, जैसे एक राष्ट्र या अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्षेत्र। इंटरनेट एक प्रमुख WAN का उदाहरण है।
- मेट्रो एरिया नेटवर्क (MAN): यह LAN और WAN के बीच की एक बड़ी विस्तार से नेटवर्क होता है, जो शहरों या महानगरों को कवर करता है।
- पर्सनल एरिया नेटवर्क (PAN): यह एक पर्सनल स्तर का नेटवर्क होता है, जो पर्सनल डिवाइस जैसे स्मार्टफोन, लैपटॉप, या टैबलेट को कनेक्ट करने के लिए उपयोग किया जाता ह
- लोकल एरिया नेटवर्क (LAN): यह एक छोटा area कवर करता है, जैसे एक इमारत, कार्यालय, या एक establishment area। LAN का उदाहरण घरेलू नेटवर्क या कार्यालय नेटवर्क हो सकता है।
- वाइड एरिया नेटवर्क (WAN): इसमें बहुत बड़े area को कवर किया जाता है, जैसे एक राष्ट्र या अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्षेत्र। इंटरनेट एक प्रमुख WAN का उदाहरण है।
- मेट्रो एरिया नेटवर्क (MAN): यह LAN और WAN के बीच की एक बड़ी विस्तार से नेटवर्क होता है, जो शहरों या महानगरों को कवर करता है।
- पर्सनल एरिया नेटवर्क (PAN): यह एक पर्सनल स्तर का नेटवर्क होता है, जो पर्सनल डिवाइस जैसे स्मार्टफोन, लैपटॉप, या टैबलेट को कनेक्ट करने के लिए उपयोग किया जाता है।
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TCP (Transmission Control Protocol)
यह एक internet communication प्रोटोकॉल है, इसके बिना internet में किसी भी तरह का संचार संभव नही है. यह दो device के बीच connection स्थापित करने और data के आदान – प्रदान की अनुमति देता है. यह IP protocol के साथ मिलकर काम करता है. TCP, डाटा की delivery की गारंटी देता है और यह भी गारंटी देता है कि packets उसी क्रम में वितरित किये जाएंगे जिसमे उन्हें भेजा गया था. TCP/IP network में यह सबसे मुख्य प्रोटोकॉल में से एक है. अगर data transfer के वक्त कोई डाटा पैकेट खो जाता है, तो TCP के पास regeneration request भेज कर उस पैकेट डाटा को वापस लाने की क्षमता होती है.
IP (In
TCP (Transmission Control Protocol)
यह एक internet communication प्रोटोकॉल है, इसके बिना internet में किसी भी तरह का संचार संभव नही है. यह दो device के बीच connection स्थापित करने और data के आदान – प्रदान की अनुमति देता है. यह IP protocol के साथ मिलकर काम करता है. TCP, डाटा की delivery की गारंटी देता है और यह भी गारंटी देता है कि packets उसी क्रम में वितरित किये जाएंगे जिसमे उन्हें भेजा गया था. TCP/IP network में यह सबसे मुख्य प्रोटोकॉल में से एक है. अगर data transfer के वक्त कोई डाटा पैकेट खो जाता है, तो TCP के पास regeneration request भेज कर उस पैकेट डाटा को वापस लाने की क्षमता होती है.
IP (Internet Protocol)
इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) वह विधि या प्रोटोकॉल है, जिसके द्वारा internet पर एक computer से दूसरे कंप्यूटर में data transfer किया जाता है. इंटरनेट पर हर कंप्यूटर का एक अलग IP Address होता है, जो विशिष्ट रूप से इंटरनेट पर अन्य सभी computers से इसकी पहचान करता है. जब हम कोई data को अपने कंप्यूटर से किसी दूसरी डिवाइस तक भेजते है, तो वह कई packets में विभाजित होकर जाता है. प्रत्येक पैकेट में sender और receiver के IP Address शामिल होते है, जो इसको सही destination तक पहुचने में मदद करते है. इसका मूल कार्य destination address लाना होता है.
UDP (User Datagram Protocol)
यह TCP प्रोटोकॉल की तरह ही similar होता है, परन्तु इसमे उतनी capability नही होती है. यह small size के data packets को transmit करने के काम में आता है. इन कम size के डाटा पैकेट को datagram कहा जाता है. अगर कोई data packet स्थानांतरण के दौरान खो जाता है, तो इसमे उसे regenerate करने की क्षमता नही होती है. यह IP protocol के साथ मिलकर काम करता है.
SMTP/POP3
यह दोनों ही प्रोटोकॉल एक ही कार्य के लिये इस्तेमाल किये जाते है. SMTP (Simple Mail Transfer Protocol) का कार्य Mail Send करना होता है और POP3 (Post Office Protocol Version 3) का कार्य Mail receive करना होता है.
IMAP (Internet Massage Access Protocol)
यह PROTOCOL हमारे सभी Mails को Mail Server में store करने का काम करता है. जब हम अपनी mail id और password डालकर login करते है, तो यह हमें अपनी mail को access करने में मदद करता है.
HTTP (Hypertext Transfer Protocol)
HTTP प्रोटोकॉल वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) में web pages को transfer करने के लिए बनाए गये नियमो का एक समूह है. इसके बिना web और client server protocol पर किसी भी तरह का data exchange नही किया जा सकता है. जब हम web browser का इस्तेमाल करके किसी webpage की request करते है, तो HTTP Protocol ही उस वेबपेज को लाने का कार्य करता है. कुल मिलाकर जब भी हम किसी browser का उपयोग करते है, तो अप्रत्क्षय रूप से हम HTTP का उपयोग करने लगते है. यह एक application protocol है, जो TCP/IP प्रोटोकॉल के शिर्ष पर चलता है.
FTP (File Transfer Protocol)
FTP प्रोटोकॉल internet पर कंप्यूटर के बीच files को transmit करने के लिये एक standard internet protocol है. Network पर जितनी भी फाइलें एक जगह से दूसरी जगह transfer या copy होती है, वह सब FTP Protocol द्वारा ही संभव है. इसके अलावा हम जो भी फाइलें वेबसाइटो से download या upload करते है, वह सब FTP प्रोटोकॉल के जरिये ही होती है. इंटरनेट पर मौजूद सभी वेबपेज FTP Server पर upload होते है. यह data transfer को enable करने के लिए TCP/IP प्रोटोकॉल का उपयोग करता है.
नेटवर्क मार्केटिंग इसके बारे में काफी सुना है, समझा है, काफी परिचित भी इसमें लगे हैं अलग अलग कंपनियों में तो मै इसके बारे में काफी अच्छे से बता सकता हूँ।
MLM या मल्टी लेवल मार्केटिंग जिसे नेटवर्क मार्केटिंग भी कहा जाता है उसमें सिर्फ चंद लोगों के लिए पैसे हैं और बाकी सब लोगों के लिए सिर्फ सपने।
इसकी सच्चाई बताऊँ उससे पहले आपको अपने अनुभव बताता हूँ तो ऐसा था कि जब मै दसवीं में था तो हमारे अंग्रेजी के शिक्षक जिनका नाम रामवीर सर था वो ऐसी ही एक MLM कंपनी में लगे हुए थे जिसका नाम Secure Life था तो सर काफी लम्बी लम्बी फेंकते थे कहते थे कि बस अब 4 साल लगेंगे और मै 8 लाख रूपए महीने कमाने लग जाऊँगा इसी
नेटवर्क मार्केटिंग इसके बारे में काफी सुना है, समझा है, काफी परिचित भी इसमें लगे हैं अलग अलग कंपनियों में तो मै इसके बारे में काफी अच्छे से बता सकता हूँ।
MLM या मल्टी लेवल मार्केटिंग जिसे नेटवर्क मार्केटिंग भी कहा जाता है उसमें सिर्फ चंद लोगों के लिए पैसे हैं और बाकी सब लोगों के लिए सिर्फ सपने।
इसकी सच्चाई बताऊँ उससे पहले आपको अपने अनुभव बताता हूँ तो ऐसा था कि जब मै दसवीं में था तो हमारे अंग्रेजी के शिक्षक जिनका नाम रामवीर सर था वो ऐसी ही एक MLM कंपनी में लगे हुए थे जिसका नाम Secure Life था तो सर काफी लम्बी लम्बी फेंकते थे कहते थे कि बस अब 4 साल लगेंगे और मै 8 लाख रूपए महीने कमाने लग जाऊँगा इसी बीच मेरी हाईस्कूल कम्पलीट हुई, इंटर हुई, ग्रेजुएशन भी पूरी हो गयी लेकिन गुरुदेव के चार साल पूरे नही हुए अभी तक।
और दूसरे मेरे पिताजी के भाई यानी मेरे चाचाजी वो भी एक MLM कंपनी में काम करते थे जिसका नाम था IMC, उन्होंने भी काफी लम्बी लम्बी फेकी लेकिन विफल रहे।
एक बार मुझे मेरा एक दोस्त जॉब के बहाने मुझे एक नई MLM कंपनी के सेमिनार में लेकर गया और वहाँ जो मुझे पकाया गया वो इतना खराब अनुभव रहा कि क्या बताऊँ। उस कंपनी का नाम था Smart Value ।
अब मै इनकी हकीकत बताता हूँ आपको तो पहले समझिये कि नेटवर्क मार्केटिंग आखिर होता क्या है।
कुछ कम्पनीज अपने प्रोडक्ट्स को होलसेल डीलरों को ना बेचकर सीधे कस्टमर्स को बेचना पसंद करती हैं ऐसे में उनके मुनाफे का मार्जिन बढ़ता है और बिना किसी विज्ञापन पर पैसा खर्च किये साधारण या कहिये बहुत साधारण प्रोडक्ट्स बेच दिए जाते हैं।
इसमें आपको कुछ 5000 या 10000 रूपये लगा कर जुड़ना होता है और आपको इसके बदले 2000 या 2500 रूपये के प्रोडक्ट दे दिए जाते हैं जो या तो कोई हेल्थ प्रोडक्ट या फिर कोई कमीज पैंट का कपड़ा होता है अब आपको प्रोडक्ट नही सपने बेचने हैं। 4 वर्षों में करोड़ पति बनने का सपना। आपको आगे कुछ 3–4 लोगों को यह सपने बेचने हैं जिसे MLM की भाषा में प्लान देना कहते हैं।और इस प्लान में आपके पास एक लैपटॉप होता है जिसमें आप बली के बकरे को अच्छी अच्छी वीडियोस दिखाते हैं कि देखो इतना सम्मान है इस फील्ड में फिर मोटिवेशनल क़ौट्स सुनाये जाते है और फिर मोदी की क्लिप सुनाई जाती है कि देखो मोदी भी इसके बारे में बोल रहे हैं अब यही भविष्य है आदि बातें बताई जाती हैं। आपको हर नया मेंबर जोड़ने पर कुछ कमीशन मिलता है फिर वह नया मेंबर आगे सपने बेचता है उसे कमीशन मिलता है और पुनः कुछ कमीशन आपको भी मिलता है।यह नेटवर्क बढ़ता रहेगा और आपको पैसे मिलते रहेंगे कुछ लोग तो अपने लगाए पैसे भी नही निकाल पाते।
लेकिन यह MLM हर किसी के बस की बात नही। सबसे पहले तो आपमें गजब की वाककुशलता होनी चाहिए और फिर लम्बी चौड़ी फेकनी आनी चाहिए हमारे प्रधानमंत्री जी की तरह।
बस यूँ समझिए कि गंजे को भी कंघी बेचने की क्षमता आपमें होनी चाहिए लेकिन जिसमें ये खूबी होगी वो तो हर जगह सफल हो जाएगा कहीं भी पैसे कमा लेगा इसके लिए नेटवर्क मार्केटिंग ही क्यों।
तो ये था मेरा ओपिनियन नेटवर्क मार्केटिंग पर, आप क्या सोचते हैं इस बारे में कमेंट करके बतायें।
धन्यवाद।
टोपोलॉजी दो ग्रीक शब्दों टोपो और लॉजी से बना है, जहां टोपो का अर्थ है 'स्थान' और लॉजी का अर्थ है 'अध्ययन'। कंप्यूटर नेटवर्क में, एक टोपोलॉजी का उपयोग यह समझाने के लिए किया जाता है कि नेटवर्क भौतिक रूप से कैसे जुड़ा है और नेटवर्क में सूचना का लॉजिकल प्रवाह कैसे होता है। एक टोपोलॉजी मुख्य रूप से वर्णन करती है कि संचार लिंक का उपयोग करके उपकरण कैसे जुड़े होते हैं और एक दूसरे के साथ बातचीत करते हैं।
कंप्यूटर नेटवर्क में मुख्य रूप से दो प्रकार के टोपोलॉजी होते हैं, वे हैं:
भौतिक टोपोलॉजी: एक भौतिक टोपोलॉजी उस तरीके का वर्णन करती है जिसमें कंप्यूटर या नोड्स एक कंप्यूटर नेटवर्क में एक दूसरे से जुड़े हो
टोपोलॉजी दो ग्रीक शब्दों टोपो और लॉजी से बना है, जहां टोपो का अर्थ है 'स्थान' और लॉजी का अर्थ है 'अध्ययन'। कंप्यूटर नेटवर्क में, एक टोपोलॉजी का उपयोग यह समझाने के लिए किया जाता है कि नेटवर्क भौतिक रूप से कैसे जुड़ा है और नेटवर्क में सूचना का लॉजिकल प्रवाह कैसे होता है। एक टोपोलॉजी मुख्य रूप से वर्णन करती है कि संचार लिंक का उपयोग करके उपकरण कैसे जुड़े होते हैं और एक दूसरे के साथ बातचीत करते हैं।
कंप्यूटर नेटवर्क में मुख्य रूप से दो प्रकार के टोपोलॉजी होते हैं, वे हैं:
भौतिक टोपोलॉजी: एक भौतिक टोपोलॉजी उस तरीके का वर्णन करती है जिसमें कंप्यूटर या नोड्स एक कंप्यूटर नेटवर्क में एक दूसरे से जुड़े होते हैं। यह विभिन्न तत्वों (लिंक, नोड्स, आदि) की व्यवस्था है, जिसमें डिवाइस स्थान और कंप्यूटर नेटवर्क की कोड स्थापना शामिल है। दूसरे शब्दों में, हम कह सकते हैं कि यह नेटवर्क में नोड्स, वर्कस्टेशन और केबल का भौतिक लेआउट है।
लॉजिकल टोपोलॉजी: एक लॉजिकल टोपोलॉजी एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डेटा प्रवाह के तरीके का वर्णन करती है। यह एक नेटवर्क प्रोटोकॉल के लिए बाध्य है और परिभाषित करता है कि पूरे नेटवर्क में डेटा कैसे स्थानांतरित किया जाता है और यह कौन सा पथ लेता है। दूसरे शब्दों में, यह वह तरीका है जिससे उपकरण आंतरिक रूप से संचार करते हैं।
नेटवर्क टोपोलॉजी न केवल भौतिक रूप से बल्कि लॉजिकल रूप से नेटवर्क के लेआउट, आभासी आकार या संरचना को परिभाषित करती है। एक नेटवर्क में एक ही समय में एक भौतिक टोपोलॉजी और कई लॉजिकल टोपोलॉजी हो सकती है।
एक कंप्यूटर नेटवर्क में मुख्य रूप से छह प्रकार के भौतिक टोपोलॉजी होते हैं, वे हैं:
- बस टोपोलॉजी
- रिंग टोपोलॉजी
- स्टार टोपोलॉजी
- मेष टोपोलॉजी
- ट्री टोपोलॉजी
- हाइब्रिड टोपोलॉजी
References:
"नेटवर्कों का नेटवर्क" (The Network of Networks) को इंटरनेट कहा जाता है।
इंटरनेट एक विशाल नेटवर्क है जो दुनिया भर में विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर नेटवर्कों को जोड़ता है। इसे "नेटवर्कों का नेटवर्क" इसलिए कहा जाता है क्योंकि इंटरनेट में कई छोटे-छोटे नेटवर्क, जैसे स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क (LAN), विस्तृत क्षेत्र नेटवर्क (WAN), और केबल नेटवर्क आदि आपस में जुड़े होते हैं। इन सभी नेटवर्कों का एक साथ मिलकर इंटरनेट बनता है, जो वैश्विक स्तर पर सूचना का आदान-प्रदान करने का सबसे प्रमुख साधन है।
इंटरनेट को "नेटवर्कों का नेटवर्क" क्यों कहा जाता है?
- विभिन्न प्रकार के नेटवर्क जुड़ते हैं: इंटरनेट पर विभिन्न प्रकार
"नेटवर्कों का नेटवर्क" (The Network of Networks) को इंटरनेट कहा जाता है।
इंटरनेट एक विशाल नेटवर्क है जो दुनिया भर में विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर नेटवर्कों को जोड़ता है। इसे "नेटवर्कों का नेटवर्क" इसलिए कहा जाता है क्योंकि इंटरनेट में कई छोटे-छोटे नेटवर्क, जैसे स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क (LAN), विस्तृत क्षेत्र नेटवर्क (WAN), और केबल नेटवर्क आदि आपस में जुड़े होते हैं। इन सभी नेटवर्कों का एक साथ मिलकर इंटरनेट बनता है, जो वैश्विक स्तर पर सूचना का आदान-प्रदान करने का सबसे प्रमुख साधन है।
इंटरनेट को "नेटवर्कों का नेटवर्क" क्यों कहा जाता है?
- विभिन्न प्रकार के नेटवर्क जुड़ते हैं: इंटरनेट पर विभिन्न प्रकार के नेटवर्क जुड़े होते हैं, जैसे निजी नेटवर्क, सार्वजनिक नेटवर्क, विश्वविद्यालयों और कंपनियों के नेटवर्क, सरकारी नेटवर्क, आदि। सभी छोटे नेटवर्क आपस में जुड़कर एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा बनते हैं।
- सूचना का आदान-प्रदान: इंटरनेट का प्रमुख कार्य सूचना का आदान-प्रदान करना है, जो विभिन्न नेटवर्कों के बीच हो रहा होता है। इंटरनेट पर हम एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क तक डेटा भेज सकते हैं।
- विस्तार और समृद्धि: इंटरनेट का विस्तार लगातार बढ़ रहा है, जिससे यह और भी अधिक नेटवर्कों को जोड़ने की क्षमता रखता है। यह एक सामूहिक रूप से कार्य करने वाली प्रणाली बन चुकी है, जहाँ विभिन्न नेटवर्क मिलकर एक बहुत बड़ा और सशक्त नेटवर्क का रूप लेते हैं।
इंटरनेट को "नेटवर्कों का नेटवर्क" इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह विभिन्न छोटे-छोटे नेटवर्कों को आपस में जोड़ता है और एक बड़े वैश्विक नेटवर्क का रूप लेता है, जो सभी प्रकार की जानकारी और डेटा का आदान-प्रदान करने की क्षमता रखता है।
नेटवर्क दो या दो से अधिक कंप्यूटरों का एक समूह है जो एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। यह कनेक्शन एक भौतिक माध्यम, जैसे कि केबल या वायरलेस, के माध्यम से किया जा सकता है। नेटवर्क का उपयोग विभिन्न प्रकार के डेटा को संचारित करने के लिए किया जाता है, जिसमें टेक्स्ट, छवियां, वीडियो और फाइलें शामिल हैं।
ज़्यादातर नेटवर्क का काम डेटा को स्थानांतरित करना और संसाधित करना है। वे कंप्यूटरों को एक दूसरे के साथ संवाद करने और संसाधनों को साझा करने की अनुमति देते हैं। नेटवर्क का उपयोग विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों के लिए किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:
- इंटरनेट
- इनtranet
- Extranet
- कंप्यूटर नेटवर्क
- मोबाइल नेटवर्क
- वायरलेस नेटव
नेटवर्क दो या दो से अधिक कंप्यूटरों का एक समूह है जो एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। यह कनेक्शन एक भौतिक माध्यम, जैसे कि केबल या वायरलेस, के माध्यम से किया जा सकता है। नेटवर्क का उपयोग विभिन्न प्रकार के डेटा को संचारित करने के लिए किया जाता है, जिसमें टेक्स्ट, छवियां, वीडियो और फाइलें शामिल हैं।
ज़्यादातर नेटवर्क का काम डेटा को स्थानांतरित करना और संसाधित करना है। वे कंप्यूटरों को एक दूसरे के साथ संवाद करने और संसाधनों को साझा करने की अनुमति देते हैं। नेटवर्क का उपयोग विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों के लिए किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:
- इंटरनेट
- इनtranet
- Extranet
- कंप्यूटर नेटवर्क
- मोबाइल नेटवर्क
- वायरलेस नेटवर्क
- सेलुलर नेटवर्क
ज़्यादातर नेटवर्क का काम निम्नलिखित हैं:
- डेटा स्थानांतरण: नेटवर्क का उपयोग डेटा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, इंटरनेट का उपयोग ईमेल, वेब ब्राउज़िंग और फ़ाइल साझा करने के लिए किया जाता है।
- संसाधन साझाकरण: नेटवर्क का उपयोग कंप्यूटरों को एक दूसरे के संसाधनों को साझा करने की अनुमति देने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, एक नेटवर्क पर कई कंप्यूटर एक ही प्रिंटर या फ़ाइल सर्वर का उपयोग कर सकते हैं।
- संचार: नेटवर्क का उपयोग लोगों को एक दूसरे के साथ संवाद करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, ईमेल, चैट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नेटवर्क का उपयोग करके किया जा सकता है।
नेटवर्क हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गए हैं। वे हमें संचार करने, जानकारी तक पहुंचने और काम करने की अनुमति देते हैं।
नेटवर्कविज्ञान एक अनुशासन है जो विभिन्न तत्वों और संगठनों के बीच संबंधों का अध्ययन करता है, जैसे कि यह जानने का प्रयास करता है कि व्यक्तियों, संगठनों, और जिन्हें इनके बीच जोड़े जाते हैं, कैसे संचित होते हैं। यह एक अनुशासन है जो सामाजिक नेटवर्क, उदाहरण के लिए, मानव समुदायों के बीच इंटरक्टिव रिश्तों का अध्ययन करता है और इसका उपयोग बहुपक्षीय संबंध, विपणी नेटवर्क, और इंटरनेट जैसे क्षेत्रों में भी होता है।
नेटवर्कविज्ञान एक अनुशासन है जो विभिन्न तत्वों और संगठनों के बीच संबंधों का अध्ययन करता है, जैसे कि यह जानने का प्रयास करता है कि व्यक्तियों, संगठनों, और जिन्हें इनके बीच जोड़े जाते हैं, कैसे संचित होते हैं। यह एक अनुशासन है जो सामाजिक नेटवर्क, उदाहरण के लिए, मानव समुदायों के बीच इंटरक्टिव रिश्तों का अध्ययन करता है और इसका उपयोग बहुपक्षीय संबंध, विपणी नेटवर्क, और इंटरनेट जैसे क्षेत्रों में भी होता है।
इंटरनेट का पूरा नाम इंटरकनेक्टेड नेटवर्क है। इंटरकनेक्टेड नेटवर्क मूल रूप से एक मोबाइल, कंप्यूटर और विभिन्न सर्वरों के साथ-साथ विभिन्न कंप्यूटर नोड्स का एक संयोजन है जो एक सफल डेटा-ट्रांसमिशन को पूरा करने के लिए एक साथ लगे हुए हैं।
इंटरनेट को समझाने का सबसे सरल तरीका इसे "नेटवर्क का नेटवर्क" कहना है। यह दुनिया भर के कंप्यूटर नेटवर्क को एक इकाई में जोड़ने का काम करता है । यह एक बड़ा कंप्यूटर नहीं है, बल्कि एक साथ जुड़े हुए कई नेटवर्क वाले कंप्यूटर हैं।
इंटरनेट को नेटवर्क का नेटवर्क कहा जाता है क्योंकि यह कंप्यूटरों का एक वैश्विक नेटवर्क है जो केबल और टेलीफोन लाइनों द्वारा एक साथ जुड़े हुए हैं जिस
इंटरनेट का पूरा नाम इंटरकनेक्टेड नेटवर्क है। इंटरकनेक्टेड नेटवर्क मूल रूप से एक मोबाइल, कंप्यूटर और विभिन्न सर्वरों के साथ-साथ विभिन्न कंप्यूटर नोड्स का एक संयोजन है जो एक सफल डेटा-ट्रांसमिशन को पूरा करने के लिए एक साथ लगे हुए हैं।
इंटरनेट को समझाने का सबसे सरल तरीका इसे "नेटवर्क का नेटवर्क" कहना है। यह दुनिया भर के कंप्यूटर नेटवर्क को एक इकाई में जोड़ने का काम करता है । यह एक बड़ा कंप्यूटर नहीं है, बल्कि एक साथ जुड़े हुए कई नेटवर्क वाले कंप्यूटर हैं।
इंटरनेट को नेटवर्क का नेटवर्क कहा जाता है क्योंकि यह कंप्यूटरों का एक वैश्विक नेटवर्क है जो केबल और टेलीफोन लाइनों द्वारा एक साथ जुड़े हुए हैं जिससे उनके बीच संचार संभव हो जाता है। इसे दस लाख से अधिक छोटे विषम कंप्यूटर नेटवर्क के वैश्विक नेटवर्क के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।
नेटवर्क का हिंदी अर्थ
विश्वव्यापी सूचना एवं संचार तंत्र; इंटरनेट; संजाल।
नेटवर्क (network) वह सिस्टम होता है जो किसी भी संचार या डाटा को दूसरों तक पहुंचाने के लिए उपयोग होता है। इसका उपयोग आमतौर पर कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइसों के बीच डाटा संचार या इंटरनेट से संपर्क स्थापित करने के लिए किया जाता है।
एक सोशल नेटवर्क को व्यक्तियों और उनके व्यक्तिगत संबंधों(Personal relationship) की एक श्रृंखला के रूप में परिभाषित किया गया है। अन्य लोगों के साथ एक कनेक्शन का विस्तार करना एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग व्यक्तिगत(Personal) या व्यावसायिक(Business) दोनों कारणों से किया जा सकता है। सोशल नेटवर्किंग एप्लिकेशन अन्य लोगों के साथ नए कनेक्शन के निर्माण को सुविधाजनक बनाने के लिए व्यक्तियों के बीच संघों(Network) का उपयोग करते हैं। इसका उपयोग नए दोस्तों से मिलने और पुराने लोगों से जुड़ने के लिए किया जा सकता है, जैसा कि कई लोग फेसबुक पर करते हैं, या किसी के पेशेवर कनेक्शन(Profession) का विस्तार करने के लिए
सोश
एक सोशल नेटवर्क को व्यक्तियों और उनके व्यक्तिगत संबंधों(Personal relationship) की एक श्रृंखला के रूप में परिभाषित किया गया है। अन्य लोगों के साथ एक कनेक्शन का विस्तार करना एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग व्यक्तिगत(Personal) या व्यावसायिक(Business) दोनों कारणों से किया जा सकता है। सोशल नेटवर्किंग एप्लिकेशन अन्य लोगों के साथ नए कनेक्शन के निर्माण को सुविधाजनक बनाने के लिए व्यक्तियों के बीच संघों(Network) का उपयोग करते हैं। इसका उपयोग नए दोस्तों से मिलने और पुराने लोगों से जुड़ने के लिए किया जा सकता है, जैसा कि कई लोग फेसबुक पर करते हैं, या किसी के पेशेवर कनेक्शन(Profession) का विस्तार करने के लिए
सोशल नेटवर्किंग, घूमने वाले व्यक्तियों को वेबसाइटों और वेब-आधारित(Web based) Application का उपयोग करते हुए एक-दूसरे के संपर्क(Contact) में रहने की अनुमति देता है। फेसबुक, माइस्पेस, ट्विटर और लिंक्डइन सोशल नेटवर्किंग साइट्स उदाहरण हैं। "सोशल नेटवर्क" शब्द की परिभाषा अभी भी बहुत ढीली है, क्योंकि यह अभी भी एक अपेक्षाकृत नई तकनीक है जो तेजी से बदलाव के अधीन है।
सोशल नेटवर्किंग दोस्तों, परिवार, सहकर्मियों, ग्राहकों या ग्राहकों के साथ जुड़े रहने के लिए इंटरनेट-आधारित सोशल मीडिया साइटों(Internet-Based Social Media Sites) का उपयोग है। सोशल नेटवर्किंग का एक सोशल उद्देश्य, एक व्यावसायिक उद्देश्य या दोनों हो सकता है, जैसे कि फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और इंस्टाग्राम जैसी अन्य साइटों के माध्यम से। सोशल नेटवर्किंग ग्राहकों को संलग्न(attach) करने की मांग करने वाले Marketers के लिए एक महत्वपूर्ण आधार(Base) बन गया है।
- सोशल नेटवर्किंग दोस्तों, परिवार या साथियों के साथ जुड़े रहने के लिए इंटरनेट-आधारित सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग है।
- हमेशा बदलते समय, अमेरिका में सबसे लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग साइट्स में फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर शामिल हैं।
- मार्केटर्स ब्रांड की पहचान बढ़ाने और ब्रांड निष्ठा को प्रोत्साहित करने के लिए सोशल नेटवर्किंग का उपयोग करते हैं।
नेटवर्क विज्ञान (Network science) एक अंतःविषय क्षेत्र है जो विभिन्न प्रकार के नेटवर्क का अध्ययन करता है, जिसमें सामाजिक नेटवर्क, जैविक नेटवर्क, तकनीकी नेटवर्क और आर्थिक नेटवर्क शामिल हैं। यह विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञान और तकनीकों का उपयोग करता है, जैसे कि गणित, भौतिकी, कंप्यूटर विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और जीव विज्ञान।
नेटवर्क विज्ञान में, नेटवर्क को नोड्स (जैसे कि लोग, कंप्यूटर, या प्रोटीन) और उनके बीच संबंधों (जैसे कि दोस्ती, कनेक्टिविटी, या इंटरैक्शन) के समूह के रूप में दर्शाया जाता है। नेटवर्क विज्ञान का लक्ष्य इन नेटवर्क की संरचना, कार्य और गतिशीलता को समझना है।
नेटवर्क विज्ञान के कुछ महत्वपू
नेटवर्क विज्ञान (Network science) एक अंतःविषय क्षेत्र है जो विभिन्न प्रकार के नेटवर्क का अध्ययन करता है, जिसमें सामाजिक नेटवर्क, जैविक नेटवर्क, तकनीकी नेटवर्क और आर्थिक नेटवर्क शामिल हैं। यह विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञान और तकनीकों का उपयोग करता है, जैसे कि गणित, भौतिकी, कंप्यूटर विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और जीव विज्ञान।
नेटवर्क विज्ञान में, नेटवर्क को नोड्स (जैसे कि लोग, कंप्यूटर, या प्रोटीन) और उनके बीच संबंधों (जैसे कि दोस्ती, कनेक्टिविटी, या इंटरैक्शन) के समूह के रूप में दर्शाया जाता है। नेटवर्क विज्ञान का लक्ष्य इन नेटवर्क की संरचना, कार्य और गतिशीलता को समझना है।
नेटवर्क विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों में शामिल हैं:
- रोग का प्रसार: नेटवर्क विज्ञान का उपयोग यह समझने के लिए किया जा सकता है कि रोग कैसे फैलता है और इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।
- आर्थिक व्यवस्था: नेटवर्क विज्ञान का उपयोग यह समझने के लिए किया जा सकता है कि आर्थिक प्रणाली कैसे काम करती है और वे कैसे सदमे से प्रभावित होती हैं।
- सामाजिक नेटवर्क: नेटवर्क विज्ञान का उपयोग यह समझने के लिए किया जा सकता है कि सामाजिक नेटवर्क कैसे बनते हैं और वे कैसे व्यवहार को प्रभावित करते हैं।
- तकनीकी नेटवर्क: नेटवर्क विज्ञान का उपयोग यह समझने के लिए किया जा सकता है कि तकनीकी नेटवर्क कैसे काम करते हैं और वे कैसे अनुकूलित किए जा सकते हैं।
नेटवर्क विज्ञान एक तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है जिसमें कई महत्वपूर्ण अनुप्रयोग हैं। यह विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है जो जटिल प्रणालियों को समझने और उनका विश्लेषण करने के लिए काम करते हैं.
यहां कुछ प्रमुख नेटवर्क विज्ञान अवधारणाओं की सूची दी गई है:
- नोड्स: नेटवर्क में मौजूद बुनियादी इकाइयाँ।
- लिंक: नोड्स के बीच संबंधों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- क्लस्टर: नोड्स के समूह जो एक दूसरे से घनिष्ठ रूप से जुड़े होते हैं।
- डिग्री: एक नोड से जुड़े लिंक की संख्या।
- पथ: नोड्स की एक श्रृंखला जो एक दूसरे से जुड़ी होती है।
- कनेक्टिविटी: एक नेटवर्क में नोड्स के जुड़े होने की डिग्री।
- रोबस्टनेस: नेटवर्क में विकारों के प्रतिरोध की क्षमता।
नेटवर्क विज्ञान के बारे में अधिक जानने के लिए, आप निम्नलिखित संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं:
नेटवर्क टोपोलॉजी मुख्य रूप से 6 प्रकार की होती है:-
बस टोपोलॉजी (Bus Topology) : बस टोपोलॉजी में, डिवाइस डेटा भेजने और प्राप्त करने के लिए एक सामान्य बैकबोन केबल शेयर करती है। एक Thick C0-axial केबल का उपयोग सभी उपकरणों को जोड़ने के लिए किया जाता है। बस टोपोलॉजी एक नेटवर्क में अधिक डिवाइस जोड़ने के लिए डेज़ी चैन स्कीम (Daisy Chain Scheme) का उपयोग करती है। डेज़ी चेन स्कीम में, डिवाइस 1 डिवाइस 2 से जुड़ा होता है, डिवाइस 2 डिवाइस 3 से जुड़ा है, डिवाइस 3 डिवाइस 4 से और डिवाइस 4 डिवाइस 5 से जुड़ा है। पहले और अंतिम डिवाइस टर्मिनेटर (50-ओम रेसिस्टर) से जुड़े होते हैं।
स्टार टोपोलॉजी (Star Topology) :
नेटवर्क टोपोलॉजी मुख्य रूप से 6 प्रकार की होती है:-
बस टोपोलॉजी (Bus Topology) : बस टोपोलॉजी में, डिवाइस डेटा भेजने और प्राप्त करने के लिए एक सामान्य बैकबोन केबल शेयर करती है। एक Thick C0-axial केबल का उपयोग सभी उपकरणों को जोड़ने के लिए किया जाता है। बस टोपोलॉजी एक नेटवर्क में अधिक डिवाइस जोड़ने के लिए डेज़ी चैन स्कीम (Daisy Chain Scheme) का उपयोग करती है। डेज़ी चेन स्कीम में, डिवाइस 1 डिवाइस 2 से जुड़ा होता है, डिवाइस 2 डिवाइस 3 से जुड़ा है, डिवाइस 3 डिवाइस 4 से और डिवाइस 4 डिवाइस 5 से जुड़ा है। पहले और अंतिम डिवाइस टर्मिनेटर (50-ओम रेसिस्टर) से जुड़े होते हैं।
स्टार टोपोलॉजी (Star Topology) : स्टार टोपोलॉजी में, कई डिवाइस एक केंद्रीय कनेक्शन बिंदु से जुड़े होते हैं जिन्हें हब (Hub) या स्विच (Switch) कहा जाता है। उपकरणों को तांबे केबल या फाइबर ऑप्टिक केबल्स का उपयोग करके स्विच से जोड़ा जाता है। स्टार नेटवर्क विभिन्न उपयोगकर्ताओं के बीच जानकारी शेयर करने के लिए एक लागत प्रभावी (Cost Effective) तरीका प्रदान करता हैं।स्टार टोपोलॉजी का उपयोग एयरलाइन आरक्षण काउंटर और छोटे व्यवसाय कार्यालयों में किया जा सकता है, जहां कर्मचारी सामान्य अनुप्रयोगों और फ़ाइलों तक एक्सेस के लिए इसका उपयोग करते हैं।
रिंग टोपोलॉजी (Ring Topology) : रिंग टोपोलॉजी में, प्रत्येक डिवाइस एक सर्कुलर स्ट्रक्चर बनाकर अन्य डिवाइस से जुड़े होते है। डेटा का प्रवाह केवल एक दिशा, क्लॉक वाइज (Clockwise) या एंटी क्लॉक वाइज (Anti Clockwise) में होता है, रिंग टोपोलॉजी में प्रत्येक डिवाइस एक रिपीटर (Repeater) के रूप में कार्य करता है यह सिगनल को बढ़ाता है और इसे अगले डिवाइस पर प्रसारित करता है।
मेश टोपोलॉजी (Mesh Topology) : मेश टोपोलॉजी में, प्रत्येक उपकरण हर दूसरे डिवाइस से जुड़ा होता है। एक डिवाइस नेटवर्क में सभी उपकरणों को डेटा भेज सकता है। डिवाइस द्वारा भेजे गए डेटा डेस्टिनेशन तक पहुंचने के लिए किसी भी संभावित पथ (Possible Paths) ले सकता है।
ट्री टोपोलॉजी (Tree Topology) : एक ट्री टोपोलॉजी लीनियर बस और स्टार टोपोलॉजी की विशेषताओं को जोड़ती है। ट्री टोपोलॉजी में, स्टार नेटवर्क का एक समूह लीनियर बस बैकबोन से जुड़ा हुआ होता है। ट्री टोपोलॉजी उपयोगकर्ता को आवश्यकताओं के आधार पर मौजूदा नेटवर्क को विस्तारित और कॉन्फ़िगर करने में सक्षम बनाता है। Twisted Pair Cable आमतौर पर ट्री टोपोलॉजी द्वारा उपयोग किया जाता है, ट्री टोपोलॉजी को Hierarchical Structure भी कहा जाता है।
हाइब्रिड टोपोलॉजी (Hybrid Topology) : हाइब्रिड टोपोलॉजी विभिन्न नेटवर्क टोपोलॉजी का एक संयोजन होता है। यह एक विशेष टोपोलॉजी के रूप में भी जाना जाता है। यह टोपोलॉजी कॉर्पोरेट कार्यालयों के लिए अपने आंतरिक LANs को एक साथ जोड़ने के लिए उपयोगी है, जबकि वाइड एरिया नेटवर्क (WAN) के माध्यम से बाहरी नेटवर्क को जोड़ते हैं।
धन्यवाद।
Network Marketing Karo
Network Marketing Karo
टोपोलॉजी क्या हैं? (What is Topology)
टोपोलॉजी नेटवर्क की आकृति या लेआउट को कहा जाता है | नेटवर्क के विभिन्न नोड किस प्रकार एक दुसरे से जुड़े होते है तथा कैसे एक दुसरे के साथ कम्युनिकेशन स्थापित करते है, उस नेटवर्क को टोपोलॉजी ही निर्धारित करता है टोपोलॉजी फिजिकल या लौजिकल होता है| Computers को आपस में जोडने एवं उसमें डाटा Flow की विधि टोपोलाॅजी कहलाती है। टोपोलॉजी किसी नेटवर्क में कम्प्यूटर के ज्यामिति व्यवस्था (Geometric arrangement) को कहते है |
“Topology is a Layout of Networks”
टोपोलॉजी के प्रकार (Types of topology)
नेटवर्क टोपोलॉजी सामान्यत: निम्नलिखित प्रकार की होती है:-
- रिंग टोपोलॉजी (Ring T
टोपोलॉजी क्या हैं? (What is Topology)
टोपोलॉजी नेटवर्क की आकृति या लेआउट को कहा जाता है | नेटवर्क के विभिन्न नोड किस प्रकार एक दुसरे से जुड़े होते है तथा कैसे एक दुसरे के साथ कम्युनिकेशन स्थापित करते है, उस नेटवर्क को टोपोलॉजी ही निर्धारित करता है टोपोलॉजी फिजिकल या लौजिकल होता है| Computers को आपस में जोडने एवं उसमें डाटा Flow की विधि टोपोलाॅजी कहलाती है। टोपोलॉजी किसी नेटवर्क में कम्प्यूटर के ज्यामिति व्यवस्था (Geometric arrangement) को कहते है |
“Topology is a Layout of Networks”
टोपोलॉजी के प्रकार (Types of topology)
नेटवर्क टोपोलॉजी सामान्यत: निम्नलिखित प्रकार की होती है:-
- रिंग टोपोलॉजी (Ring Topology)
- बस टोपोलॉजी (Bus Topology)
- स्टार टोपोलॉजी (Star Topology)
- मेश टोपोलॉजी (Mesh Topology)
- ट्री टोपोलॉजी (Tree Topology)
रिंग टोपोलॉजी (Ring Topology)
इस कम्प्यूटर में कोई होस्ट, मुख्य या कंट्रोलिंग कम्प्यूटर नही होता | इसमें सभी कम्प्यूटर एक गोलाकार आकृति में लगे होते है प्रत्येक कम्प्यूटर अपने अधीनस्थ (Subordinate) कम्प्यूटर से जुड़े होते है, किन्तु इसमें कोई भी कम्प्यूटर स्वामी नही होता है | इसे सर्कुलर (Circular) भी कहा जाता है |
रिंग नेटवर्क (Ring Network) में साधारण गति से डाटा का आदान-प्रदान होता है तथा एक कम्प्यूटर से किसी दुसरे कम्प्यूटर को डाटा (Data) प्राप्त करने पर उसके मध्य के अन्य कंप्यूटरो को यह निर्धारित करना होता है कि उक्त डाटा उनके लिए है या नही | यदि यह डाटा उसके लिए नही है तो उस डाटा को अन्य कम्प्यूटर में आगे (Pass) कर दिया जाता है |
लाभ (Advantages) –
- यह नेटवर्क अधिक कुशलता से कार्य करता है, क्योकि इसमें कोई होस्ट (Host) यह कंट्रोलिंग कम्प्यूटर (Controlling Computer) नही होता |
- यह स्टार से अधिक विश्वसनीय है, क्योकि यह किसी एक कम्प्यूटर पर निर्भर नही होता है |
- इस नेटवर्क की यदि एक लाइन या कम्प्यूटर कार्य करना बंद कर दे तो दुसरी दिशा की लाइन के द्वारा काम किया जा सकता है |
हानि (Disadvantages) –
- इसकी गति नेटवर्क में लगे कम्प्यूटरो पर निर्भर करती है | यदि कम्प्यूटर कम है तो गति अधिक होती है और यदि कंप्यूटरो की संख्या अधिक है तो गति कम होती है |
- यह स्टार नेटवर्क की तुलना में कम प्रचलित है, क्योकि इस नेटवर्क पर कार्य करने के लिए अत्यंत जटिल साफ्टवेयर की आवश्यकता होती है |
बस टोपोलॉजी (Bus Topology)
बस टोपोलॉजी (Bus Topology) में एक ही तार (Cable) का प्रयोग होता है और सभी कम्प्यूटरो को एक ही तार से एक ही क्रम में जोड़ा जाता है | तार के प्रारम्भ तथा अंत में एक विशेष प्रकार का संयंत्र (Device) लगा होता है जिसे टर्मिनेटर (Terminator) कहते है | इसका कार्य संकेतो (Signals) को नियंत्रण करना होता है |
लाभ (Advantages) –
- बस टोपोलॉजी को स्थापित (Install) करना आसान होता है
- इसमें स्टार व ट्री टोपोलॉजी की तुलना में कम केबिल उपयोगी होता है |
हानि (Disadvantages) –
- किसी एक कम्प्यूटर की खराबी से सारा डाटा संचार रुक जाता है |
- बाद में किसी कम्प्यूटर को जोड़ना अपेक्षाकृत कठिन है |
स्टार टोपोलॉजी (Star Topology)
इस नेटवर्क में एक होस्ट कम्प्यूटर होता है जिसे सीधे विभिन्न लोकल कंप्यूटरो से जोड़ दिया जाता है | लोकल कम्प्यूटर आपस में एक-दुसरे से नही जुड़े होते हैं इनको आपस में होस्ट कम्प्यूटर द्वारा जोड़ा जाता है | होस्ट कम्प्यूटर द्वारा ही पूरे नेटवर्क को कंट्रोल किया जाता है |
लाभ (Advantages) –
- इस नेटवर्क टोपोलॉजी में एक कम्प्यूटर से होस्ट (Host) कम्प्यूटर को जोड़ने में लाइन बिछाने की लागत कम आती है|
- इसमें लोकल कम्प्यूटर की संख्या बढाये जाने पर एक कम्प्यूटर से दुसरे कम्प्यूटर पर सूचनाओ के आदान-प्रदान की गति प्रभावित नही होती है, इसके कार्य करने की गति कम हो जाती है क्योकि दो कम्प्यूटर के बीच केवल होस्ट (Host) कम्प्यूटर ही होता है|
- यदि कोई लोकल कम्प्यूटर ख़राब होता है तो शेष नेटवर्क इससे प्रभावित नही होता है|
हानि (Disadvantages) –
- यह पूरा तंत्र होस्ट कम्प्यूटर पर निर्भर होता है | यदि होस्ट कम्प्यूटर ख़राब हो जाय तो पूरा का पूरा नेटवर्क फेल हो जाता हैं |
मेश टोपोलॉजी (Mesh Topology)
मेश टोपोलॉजी को मेश नेटवर्क (Mesh Network) या मेश भी कहा जाता है | मेश एक नेटवर्क टोपोलॉजी है जिसमे संयंत्र (Devices) नेटवर्क नोड (Nodes) के मध्य कई अतिरिक्त अंत: सम्बन्ध (Interconnections) से जुड़े होते है | अर्थात मेश टोपोलॉजी में प्रत्येक नोड नेटवर्क के अन्य सभी नोड से जुड़े होते है |
मेश टोपोलॉजी में सारे कंप्यूटर कही न कही एक दूसरे से जुड़े रहते हैं और एक दूसरे से जुड़े होने के कारण ये अपनी सूचनाओ का आदान प्रदान आसानी से कर सकते हैं | इसमें कोई होस्ट कंप्यूटर नहीं होता हैं|
ट्री टोपोलॉजी (Tree Topology)
ट्री टोपोलॉजी में स्टार तथा बस दोनों टोपोलॉजी के लक्षण विधमान होते है | इसमें स्टार टोपोलॉजी की तरह एक होस्ट कंप्यूटर होता है और बस टोपोलॉजी की तरह सारे कंप्यूटर एक ही केबल से जुड़े रहते हैं | यह नेटवर्क एक पेड़ के समान दिखाई देता हैं |
लाभ (Advantages) –
- प्रत्येक खण्ड (Segment) के लिए प्वाइन्ट तार बिछाया जाता है |
- कई हार्डवेयर तथा साफ्टवेयर विक्रेताओ के द्वारा सपोर्ट किया जाता है |
हानि (Disadvantages) –
- प्रत्येक खण्ड (Segment) का कुल लम्बाई प्रयोग में लाये गए तार के द्वारा सीमित होती है |
- यदि बैकबोन लाइन टूट जाती है तो पूरा खण्ड (Segment) रुक जाता है |
- अन्य टोपोलॉजी की अपेक्षा इसमें तार बिछाना तथा इसे कन्फीगर (Configure) करना कठिन होता है |
नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? What is Network Topology
विषय-सूची
1 नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? (What is Network Topology )
1.1 नेटवर्क टोपोलॉजी परिभाषा (Definition of Network Topology )
1.1.1 नेटवर्क टोपोलॉजी के प्रकार (Types of Network Topology )
1.1.1.1 नेटवर्क टोपोलॉजी मुख्य रूप से 6 प्रकार की होती है:-
आज हम सीखेंगे की नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? (Network Topology ), नेटवर्क टोपोलॉजी के प्रकार (Type of Network Topology ), नेटवर्क टोपोलॉजी की परिभाषा (Definition of Network Topology) जैसे कंप्यूटर नेटवर्क टोपोलॉजी संबंधित सभी प्रश्नों के उत्तर जानेंगे तो चलिए सीखना शुरू करते है, न
नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? What is Network Topology
विषय-सूची
1 नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? (What is Network Topology )
1.1 नेटवर्क टोपोलॉजी परिभाषा (Definition of Network Topology )
1.1.1 नेटवर्क टोपोलॉजी के प्रकार (Types of Network Topology )
1.1.1.1 नेटवर्क टोपोलॉजी मुख्य रूप से 6 प्रकार की होती है:-
आज हम सीखेंगे की नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? (Network Topology ), नेटवर्क टोपोलॉजी के प्रकार (Type of Network Topology ), नेटवर्क टोपोलॉजी की परिभाषा (Definition of Network Topology) जैसे कंप्यूटर नेटवर्क टोपोलॉजी संबंधित सभी प्रश्नों के उत्तर जानेंगे तो चलिए सीखना शुरू करते है, नेटवर्क टोपोलॉजी विभिन्न कॉन्फ़िगरेशन प्रदान करता है जिनका उपयोग नेटवर्क बनाने के लिए किया जाता है।
एक नेटवर्क बनाने के लिए कंप्यूटर और अन्य नेटवर्किंग उपकरणों को एक साथ जोड़ने के दौरान, उपयोगकर्ता को संरचना, लेआउट और केबल बिछाने की आवश्यकताओं पर विचार करना होता है।
पॉइंट टू पॉइंट कनेक्शन या मल्टीपॉइंट कनेक्शन का उपयोग करके एक नेटवर्क बनाया जा सकता है। एक पॉइंट टू पॉइंट कनेक्शन में, केवल दो डिवाइस एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। उपयोगकर्ता एक डेडिकेटेड लाइन से लोकल नेटवर्क से एक रिमोट नेटवर्क पर डेटा स्थानांतरित कर सकते हैं। पॉइंट टू पॉइंट कनेक्शन के उदाहरण हैं माइक्रोवेव, सैटेलाइट, और टेलीविज़न नेटवर्क। मल्टीपॉइंट कनेक्शन में, कई डिवाइस कनेक्शन शेयर करती हैं और इसे मल्टीपॉइंट कनेक्शन के रूप में कहा जाता है।
नेटवर्क टोपोलॉजी परिभाषा (Definition of Network Topology )
टोपोलॉजी नेटवर्क उपकरणों का एक पैटर्न होता है और जिस तरह से ये डिवाइस कनेक्ट हैं, टोपोलॉजी फिजिकल या लॉजिकल हो सकते हैं। फिजिकल टोपोलॉजी नेटवर्क की वास्तविक भौतिक संरचना को संदर्भित करता है, जबकि एक लॉजिकल टोपोलॉजी उस तरीके को निर्धारित करती है जिसमें डेटा वास्तव में नेटवर्क के माध्यम से एक डिवाइस से अन्य तक पहुंच जाता है विभिन्न प्रकार के टोपोलॉजी इस प्रकार हैं:
नेटवर्क टोपोलॉजी के प्रकार (Types of Network Topology )
1.फिजिकल टोपोलॉजी (Physical Topology) : फिजिकल टोपोलॉजी से हमारा तात्पर्य यह है की यह उपकरणों के भौतिक लेआउट का प्रतिनिधित्व करता है। जैसे की इस नेटवर्क टोपोलॉजी में जुड़े उपकरणों, कनेक्टेड कंप्यूटर और केबल आदि। यह नेटवर्क पर उपकरणों की व्यवस्था और एक दूसरे के साथ संवाद करने के तरीके को भी संदर्भित करता है। पांच मूल भौतिक टोपोलॉजी बस (Bus), स्टार (Star), ट्री (Tree) और मेश (Mesh) हैं।
2.लॉजिकल टोपोलॉजी (Logical Topology) : लॉजिकल टोपोलॉजी के सहायता से नेटवर्क में डेटा को एक डिवाइस से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है, भले ही डिवाइस के बीच भौतिक रूप से कोई संबंध न हो। उदाहरण के लिए, आईबीएम (IBM) के टोकन रिंग एक लॉजिकल रिंग टोपोलॉजी (Ring Topology) है।
नेटवर्क टोपोलॉजी मुख्य रूप से 6 प्रकार की होती है:-
*बस टोपोलॉजी (Bus Topology) : बस टोपोलॉजी में, डिवाइस डेटा भेजने और प्राप्त करने के लिए एक सामान्य बैकबोन केबल शेयर करती है। एक Thick C0-axial केबल का उपयोग सभी उपकरणों को जोड़ने के लिए किया जाता है। बस टोपोलॉजी एक नेटवर्क में अधिक डिवाइस जोड़ने के लिए डेज़ी चैन स्कीम (Daisy Chain Scheme) का उपयोग करती है। डेज़ी चेन स्कीम में, डिवाइस 1 डिवाइस 2 से जुड़ा होता है, डिवाइस 2 डिवाइस 3 से जुड़ा है, डिवाइस 3 डिवाइस 4 से और डिवाइस 4 डिवाइस 5 से जुड़ा है। पहले और अंतिम डिवाइस टर्मिनेटर (50-ओम रेसिस्टर) से जुड़े होते हैं।
*स्टार टोपोलॉजी (Star Topology) : स्टार टोपोलॉजी में, कई डिवाइस एक केंद्रीय कनेक्शन बिंदु से जुड़े होते हैं जिन्हें हब (Hub) या स्विच (Switch) कहा जाता है। उपकरणों को तांबे केबल या फाइबर ऑप्टिक केबल्स का उपयोग करके स्विच से जोड़ा जाता है। स्टार नेटवर्क विभिन्न उपयोगकर्ताओं के बीच जानकारी शेयर करने के लिए एक लागत प्रभावी (Cost Effective) तरीका प्रदान करता हैं।स्टार टोपोलॉजी का उपयोग एयरलाइन आरक्षण काउंटर और छोटे व्यवसाय कार्यालयों में किया जा सकता है, जहां कर्मचारी सामान्य अनुप्रयोगों और फ़ाइलों तक एक्सेस के लिए इसका उपयोग करते हैं।
*रिंग टोपोलॉजी (Ring Topology) : रिंग टोपोलॉजी में, प्रत्येक डिवाइस एक सर्कुलर स्ट्रक्चर बनाकर अन्य डिवाइस से जुड़े होते है। डेटा का प्रवाह केवल एक दिशा, क्लॉक वाइज (Clockwise) या एंटी क्लॉक वाइज (Anti Clockwise) में होता है, रिंग टोपोलॉजी में प्रत्येक डिवाइस एक रिपीटर (Repeater) के रूप में कार्य करता है यह सिगनल को बढ़ाता है और इसे अगले डिवाइस पर प्रसारित करता है।
*मेश टोपोलॉजी (Mesh Topology) : मेश टोपोलॉजी में, प्रत्येक उपकरण हर दूसरे डिवाइस से जुड़ा होता है। एक डिवाइस नेटवर्क में सभी उपकरणों को डेटा भेज सकता है। डिवाइस द्वारा भेजे गए डेटा डेस्टिनेशन तक पहुंचने के लिए किसी भी संभावित पथ (Possible Paths) ले सकता है।
*ट्री टोपोलॉजी (Tree Topology) : एक ट्री टोपोलॉजी लीनियर बस और स्टार टोपोलॉजी की विशेषताओं को जोड़ती है। ट्री टोपोलॉजी में, स्टार नेटवर्क का एक समूह लीनियर बस बैकबोन से जुड़ा हुआ होता है। ट्री टोपोलॉजी उपयोगकर्ता को आवश्यकताओं के आधार पर मौजूदा नेटवर्क को विस्तारित और कॉन्फ़िगर करने में सक्षम बनाता है। Twisted Pair Cable आमतौर पर ट्री टोपोलॉजी द्वारा उपयोग किया जाता है, ट्री टोपोलॉजी को Hierarchical Structure भी कहा जाता है।
*हाइब्रिड टोपोलॉजी (Hybrid Topology) : हाइब्रिड टोपोलॉजी विभिन्न नेटवर्क टोपोलॉजी का एक संयोजन होता है। यह एक विशेष टोपोलॉजी के रूप में भी जाना जाता है। यह टोपोलॉजी कॉर्पोरेट कार्यालयों के लिए अपने आंतरिक LANs को एक साथ जोड़ने के लिए उपयोगी है, जबकि वाइड एरिया नेटवर्क (WAN) के माध्यम से बाहरी नेटवर्क को जोड़ते हैं।
मै आशा करता हु की आपको हमारा नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? पर ये पोस्ट काफी पसंद आया होगा। अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे अपवोट जरुर ।
अक्सर लोग computer network और network topology में कंफ्यूज हो जाते है|computer network में एक computer को बहुत सारे computers के साथ जोड़ा जाता है जिसकी मदद से आप resources,data,files और बहुत सारी चीजो को आपस में शेयर कर पाते है|
कंप्यूटर नेटवर्क को आप एक छोटे area से लेकर बहुत बड़े area तक सिमित कर सकते है|वही नेटवर्क टोपोलॉजी को आप इस तरह से दर्शा सकते है की किस तरह से एक network में computers और बाकि के devices को जोड़ा गया है|नेटवर्क टोपोलॉजी दो लेवल पर होता है physical और logical.
नेटवर्क टोपोलॉजी एक ऐसा टोपोलॉजी होता है जो बताता है की एक नेटवर्क में कैसे बहुत सारे computers और बाकि के compone
अक्सर लोग computer network और network topology में कंफ्यूज हो जाते है|computer network में एक computer को बहुत सारे computers के साथ जोड़ा जाता है जिसकी मदद से आप resources,data,files और बहुत सारी चीजो को आपस में शेयर कर पाते है|
कंप्यूटर नेटवर्क को आप एक छोटे area से लेकर बहुत बड़े area तक सिमित कर सकते है|वही नेटवर्क टोपोलॉजी को आप इस तरह से दर्शा सकते है की किस तरह से एक network में computers और बाकि के devices को जोड़ा गया है|नेटवर्क टोपोलॉजी दो लेवल पर होता है physical और logical.
नेटवर्क टोपोलॉजी एक ऐसा टोपोलॉजी होता है जो बताता है की एक नेटवर्क में कैसे बहुत सारे computers और बाकि के components एक दुसरे के साथ जुड़े है|नेटवर्क टोपोलॉजी को एक नेटवर्क में जुड़े हुए computers और devices की संरचना को कहा जाता है|
अगर में आपको सरल भाषा में समझाऊ तो आप ऐसे समझ सकते है की बहुत सारे computers और बाकि के devices आपस में जुड़े हुए है वो network है और ये computers और devices उस network में जिस तरह से जुड़े है या जिस तरह का structure बना रहे है वो topology है और इन्ही दोनों को मिला कर आपका network topology बनता है|
network topology मुख्यतः पांच प्रकार के होते है जो है
1 Bus Topology
2 Ring Topology
3 Star Topology
4 Mesh Topology
5 Tree Topology
आप इन सब topologies की जानकारी इस लेख में प्राप्त कर सकते है|
https://guide2knowledge.com/network-topology-kya-hai/यह टोपोलॉजी अपने कनेक्शन से एक रिंग जैसा स्ट्रक्चर बनती है ,इसीलिए इसे ( RING टोपोलॉजी ) कहा जाता है। हाई परफॉरमेंस नेटवर्क के लिए रिंग टोपोलॉजी का उपयोग किया जाता है जहा पर लार्ज बैंडविड्थ की आवश्यकता होती है। हर एक कंप्यूटर अपने अगले कंप्यूटर से एक रिंग में कनेक्ट होता है।
EasyShiksha ऑनलाइन छात्रों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम भी पेश कर रहा है - भारत में प्रमाण पत्र के साथ 3-4-6 सप्ताह ऑनलाइन इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम
इसमें हम दो सर्टिफिकेट दे रहे हैं-
1. कोर्स कंप्लीशन सर्टिफिकेट
2. इंटर्नशिप प्रमाणपत्र
यह टोपोलॉजी अपने कनेक्शन से एक रिंग जैसा स्ट्रक्चर बनती है ,इसीलिए इसे ( RING टोपोलॉजी ) कहा जाता है। हाई परफॉरमेंस नेटवर्क के लिए रिंग टोपोलॉजी का उपयोग किया जाता है जहा पर लार्ज बैंडविड्थ की आवश्यकता होती है। हर एक कंप्यूटर अपने अगले कंप्यूटर से एक रिंग में कनेक्ट होता है।
EasyShiksha ऑनलाइन छात्रों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम भी पेश कर रहा है - भारत में प्रमाण पत्र के साथ 3-4-6 सप्ताह ऑनलाइन इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम
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नेटवर्क ब्रिज एक नेटवर्किंग डिवाइस होती है जिसका इस्तेमाल दो नेटवर्क को आपस में connect करने के लिए किया जाता है।
ब्रिज एक पूल की तरह होता है जैसे एक पूल का इस्तेमाल दो जमीनों को जोड़ने के लिए किया जाता है उसी प्रकार ब्रिज का इस्तेमाल दो networks को आपस में जोड़ने के लिए किया जाता है।
Types of bridge - ब्रिज के प्रकार
- Transparent Bridges
- Translational bridges
- Source route bridge
- Mac layer bridge
- Remote bridge
नेटवर्क किसे कहते है और नेटवर्क का क्या मतलब होता है यह बताने के लिये तो कोरा में बहुत से साइंसदाँ मौजूद हैं ही, लेकिन नेटवर्क से जुड़ा एक अपने जीवन का सच्चा किस्सा आपको सुनाती हूँ।
काफ़ी वर्ष पहले की बात है, तब मोबाइल नेटवर्क का दिक्क़त रोजमर्रा का सरदर्द हुआ करता था। मेरी एक फ्रेंड थीं, मैं फ्रेंड के घर गई तो वहाँ पर उसकी नानी पहले से आईं हुईं थीं। नानी उत्तरप्रदेश में अवध क्षेत्र के किसी गाँव से ताल्लुक रखती थीं।
नानी ने मुझसे पूछा - इ नटवर का होई?
मैं - नटवर ?? 🤔🤔🤔
नानी - हाँ, नटवर!!!
मैं - म्म्म्म नटवर नटवर …..🤔🤔🤔🤔
नानी (फ्रेंड की माँ का नाम लेकर )- ऊ कहिन है ज़ब नटवर ना होई तो फुनवा नाहीं ल
नेटवर्क किसे कहते है और नेटवर्क का क्या मतलब होता है यह बताने के लिये तो कोरा में बहुत से साइंसदाँ मौजूद हैं ही, लेकिन नेटवर्क से जुड़ा एक अपने जीवन का सच्चा किस्सा आपको सुनाती हूँ।
काफ़ी वर्ष पहले की बात है, तब मोबाइल नेटवर्क का दिक्क़त रोजमर्रा का सरदर्द हुआ करता था। मेरी एक फ्रेंड थीं, मैं फ्रेंड के घर गई तो वहाँ पर उसकी नानी पहले से आईं हुईं थीं। नानी उत्तरप्रदेश में अवध क्षेत्र के किसी गाँव से ताल्लुक रखती थीं।
नानी ने मुझसे पूछा - इ नटवर का होई?
मैं - नटवर ?? 🤔🤔🤔
नानी - हाँ, नटवर!!!
मैं - म्म्म्म नटवर नटवर …..🤔🤔🤔🤔
नानी (फ्रेंड की माँ का नाम लेकर )- ऊ कहिन है ज़ब नटवर ना होई तो फुनवा नाहीं लागत है…
मैं- ओह अच्छा…वो नटवर…. हम्म्म्म ओके ओके। वो मुझे भी नहीं पता, वो आपको अंकल बता देंगे शाम को…🙏🙏🙏
कई प्रकार की तकनीकें हैं, क्योंकि इसमें क्षेत्रों और अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। प्रौद्योगिकी के प्रकार के कुछ उदाहरणों में शामिल हैं:
संचार प्रौद्योगिकी: इसमें सूचना प्रसारित करने के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीकें शामिल हैं, जैसे टेलीफोन, सेल फोन, इंटरनेट और उपग्रह संचार प्रणाली।
कंप्यूटर तकनीक: इसमें हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और संबंधित तकनीक जैसे पर्सनल कंप्यूटर, सर्वर, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन शामिल हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी: इसमें सूचना और डेटा का प्रबंधन, प्रसंस्करण और प्रसार शामिल है, जैसे डेटाबेस, डेटा एनालिटिक्स और क्लाउड कंप्यूटिंग।
उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी: इसम
कई प्रकार की तकनीकें हैं, क्योंकि इसमें क्षेत्रों और अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। प्रौद्योगिकी के प्रकार के कुछ उदाहरणों में शामिल हैं:
संचार प्रौद्योगिकी: इसमें सूचना प्रसारित करने के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीकें शामिल हैं, जैसे टेलीफोन, सेल फोन, इंटरनेट और उपग्रह संचार प्रणाली।
कंप्यूटर तकनीक: इसमें हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और संबंधित तकनीक जैसे पर्सनल कंप्यूटर, सर्वर, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन शामिल हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी: इसमें सूचना और डेटा का प्रबंधन, प्रसंस्करण और प्रसार शामिल है, जैसे डेटाबेस, डेटा एनालिटिक्स और क्लाउड कंप्यूटिंग।
उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी: इसमें टीवी, डीवीडी प्लेयर और होम थिएटर सिस्टम जैसे उपकरण शामिल हैं।
परिवहन प्रौद्योगिकी: इसमें वाहनों, जैसे ऑटोमोबाइल, हवाई जहाज और ट्रेनों के डिजाइन, निर्माण और संचालन में उपयोग की जाने वाली तकनीकें शामिल हैं।
चिकित्सा प्रौद्योगिकी: इसमें सर्जिकल उपकरण, इमेजिंग डिवाइस और पेसमेकर जैसे नैदानिक, चिकित्सीय और निगरानी उपकरणों की एक विस्तृत विविधता शामिल है।
रोबोटिक्स तकनीक: इसमें निर्माण से लेकर चिकित्सा उपयोग, होम ऑटोमेशन और बहुत कुछ शामिल है, जिसमें रोबोट का डिज़ाइन, निर्माण और उपयोग शामिल है।
नैनोटेक्नोलॉजी: यह प्रौद्योगिकी का एक उभरता हुआ क्षेत्र है जो 1 से 100 नैनोमीटर के पैमाने पर सामग्री और उपकरणों से संबंधित है, जैसे चिकित्सा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा और अन्य।
जैव प्रौद्योगिकी: इसमें उत्पादों, दवाओं और तकनीकों को बनाने के लिए जीवित जीवों, कोशिकाओं और जैविक प्रणालियों का उपयोग शामिल है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) तकनीक: इसमें कंप्यूटर एल्गोरिदम और सिस्टम का विकास और उपयोग शामिल है जो ऐसे कार्य कर सकते हैं जिन्हें सामान्य रूप से मानव बुद्धि की आवश्यकता होती है, जैसे भाषण और छवियों को पहचानना, प्राकृतिक भाषा को समझना और निर्णय लेना।
ये कई अलग-अलग प्रकार की तकनीकों के कुछ उदाहरण हैं जो मौजूद हैं। सामान्य तौर पर, प्रौद्योगिकी लगातार विकसित हो रही है और नई प्रकार की तकनीक लगातार विकसित हो रही है क्योंकि नए क्षेत्र, अनुशासन और उद्योग उत्पन्न होते हैं।