छांटें

भारत जो कि पहले सोने की चिड़िया हुआ करती थी जिसके पंख किसी जमाने मे बहुत ही चमकदार हुआ करते थे।(सोने की चिड़िया से आशय है आत्मनिर्भर प्रत्येक एरिया में आगे) इस सोने की चिड़िया को देखकर हज़ारों किलोमीटर दूर अंग्रेज़ लूटरे चुम्बक की तरह खींचे चले आये थे और आज यही सोने की चिड़िया फीकी हो गयी।

29 जून 2020 इस तारीख को भारत सरकार द्वारा चीन के 59 ऍप्स को सेक्शन 69A इनफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के तहत भारत मे प्रतिबंधित कर दिया गया।इस निर्णय को कुछ लोगों द्वारा भारत सरकार की एक वर्चुअल स्ट्राइक की संज्ञा दी जा रही है।यह एक अच्छा कदम है किन्तु यह प्रतिबंध पूर्ण न होकर अस्थाई है जिसे कभी भी बदला जा सकत

भारत जो कि पहले सोने की चिड़िया हुआ करती थी जिसके पंख किसी जमाने मे बहुत ही चमकदार हुआ करते थे।(सोने की चिड़िया से आशय है आत्मनिर्भर प्रत्येक एरिया में आगे) इस सोने की चिड़िया को देखकर हज़ारों किलोमीटर दूर अंग्रेज़ लूटरे चुम्बक की तरह खींचे चले आये थे और आज यही सोने की चिड़िया फीकी हो गयी।

29 जून 2020 इस तारीख को भारत सरकार द्वारा चीन के 59 ऍप्स को सेक्शन 69A इनफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के तहत भारत मे प्रतिबंधित कर दिया गया।इस निर्णय को कुछ लोगों द्वारा भारत सरकार की एक वर्चुअल स्ट्राइक की संज्ञा दी जा रही है।यह एक अच्छा कदम है किन्तु यह प्रतिबंध पूर्ण न होकर अस्थाई है जिसे कभी भी बदला जा सकता है।इसमें सभी 59 ऍप्स को भारत सरकार के द्वारा 48 घण्टे का समय दिया गया है जिसमें डेटा प्राइवेसी से संबंधित जानकारियां मांगी गई है।।।

भारत सरकार के आईटी मंत्रालय ने आईटी सेक्शन 69ए के तहत 59 स्मार्टफोन एप्स को एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफार्म पर प्रतिबंधित कर दिया है।

इस तरह से प्रतिबंधित करने पर दोनों प्लेटफार्म पर से इन ऐप्स को हटाना होगा। सरकार ने लोगों से यह अपील नहीं की है कि इनको अनइंस्टाल करें। लोगों के फोन में यह ऐप मौजूद रहेंगे जब तक लोग इन्हें खुद नहीं हटाते। अब ये ऐप अपडेट नहीं हो सकेंगे।

सरकार ने कहा है कि इन ऐप्स से भारत की संप्रभुता, एकता एवं सुरक्षा को खतरा है।

भारत सरकार के आईटी मंत्रालय ने आईटी सेक्शन 69ए के तहत 59 स्मार्टफोन एप्स को एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफार्म पर प्रतिबंधित कर दिया है।

इस तरह से प्रतिबंधित करने पर दोनों प्लेटफार्म पर से इन ऐप्स को हटाना होगा। सरकार ने लोगों से यह अपील नहीं की है कि इनको अनइंस्टाल करें। लोगों के फोन में यह ऐप मौजूद रहेंगे जब तक लोग इन्हें खुद नहीं हटाते। अब ये ऐप अपडेट नहीं हो सकेंगे।

सरकार ने कहा है कि इन ऐप्स से भारत की संप्रभुता, एकता एवं सुरक्षा को खतरा है।

भारत में टिक टॉक 100‰ बेन हो गया है क्योंकि इसे प्ले स्टोर से भी हटा दिया गया है और टिक टॉक जितने भी यूजर्स है वह घबराए नहीं और अपने इंडिया वाले ऐप पर वीडियो बनाएं

अब तो हो गया जो होना था बस अब बेरोजगार टिकटोकियों के लिये पांच पांच लाख मुआवजे की घोषणा हो या फिर मनरेगा में 100 दिन का रोजगार मिले तो चैन आये मेरे दिल... को दुआ कीजिए!! 😉

जी हां , भारत में टिक टॉक प्रतिबंधित हो गया। टिक टॉक एप 1 जुलाई की शाम से ही काम करना बंद कर दिया। जिसको भारत सरकार द्वारा बैन किया गया था। अब

टिक टॉक आधिकारिक रूप से भारत में बंद हो चुका है।

धन्यवाद!

जी हां , भारत में टिक टॉक प्रतिबंधित हो गया। टिक टॉक एप 1 जुलाई की शाम से ही काम करना बंद कर दिया। जिसको भारत सरकार द्वारा बैन किया गया था। अब

टिक टॉक आधिकारिक रूप से भारत में बंद हो चुका है।

धन्यवाद!

अभी तक तो नहींं लेकिन जल्द ही हटा लेगा क्योंकि LAC पर हालात अब सामान्य हो रहे हैं। हमेशा ऐसे ही किया जाता है पहले बैन लगाया जाता है फिर फायदे के लिए हटा भी लिया जाता है। इसके कई उदाहरण है जैसे पाकिस्तान को ही ले लो।

आशीष भाई मैं इस प्रतिबंध के विरोध में हूँ।

मैं नहीं समझता ये न्यायालय का काम है। ये जो आजकल न्यायालय सामाजिक निर्माण और शुद्ध आचरण सिखाने में लगा है ना मैं इस पूरी पहल के ख़िलाफ़ हूँ।

मैं समझ नहीं पा रहा की इतने छोटे से कारण के लिए आप एक कम्पनी को कैसे दंडित कर सकते हैं।

न्यायालय का कहना है की “चाइल्ड पोर्न” अपलोड हो रहे हैं, तो क्या पहले यूटूब इससे अछूता था, क्या लोगों ने फ़ेस्बुक पे ऐसे काम नहीं किए या अब नहीं कर रहे? ट्विटर पे वही चीज़ दिखा दूँ तो?

अरे भाई, इसके लिए रिपोर्ट की सुविधा होनी चाहिए अगर रिपोर्ट करने के बाद भी अगर कम्पनी गंदगी नहीं हटाती तो मैं निर्णय समझ सकता हूँ।

जहाँ भी मीडिया अपलो

आशीष भाई मैं इस प्रतिबंध के विरोध में हूँ।

मैं नहीं समझता ये न्यायालय का काम है। ये जो आजकल न्यायालय सामाजिक निर्माण और शुद्ध आचरण सिखाने में लगा है ना मैं इस पूरी पहल के ख़िलाफ़ हूँ।

मैं समझ नहीं पा रहा की इतने छोटे से कारण के लिए आप एक कम्पनी को कैसे दंडित कर सकते हैं।

न्यायालय का कहना है की “चाइल्ड पोर्न” अपलोड हो रहे हैं, तो क्या पहले यूटूब इससे अछूता था, क्या लोगों ने फ़ेस्बुक पे ऐसे काम नहीं किए या अब नहीं कर रहे? ट्विटर पे वही चीज़ दिखा दूँ तो?

अरे भाई, इसके लिए रिपोर्ट की सुविधा होनी चाहिए अगर रिपोर्ट करने के बाद भी अगर कम्पनी गंदगी नहीं हटाती तो मैं निर्णय समझ सकता हूँ।

जहाँ भी मीडिया अपलोड करने की सुविधा है वहाँ इसकी भरपूर गुंजाइस है। तो क्या इसके लिए अब कम्पनी को बन्द कर देंगे?

और ये क्या मज़ाक़ लगा रखा है।

  • इन्होंने पोर्न बैन कर दिया तो क्या लोग नहीं देख पा रहे?
  • इन्होंने टॉरेंट बैन कर दिया तो क्या मैं GOT पैसे देके देख रहा हूँ?

इनका कौन सा बैन कब काम कर गया है डिजिटल दुनिया में? माई लोर्ड लोगों के निजी जीवन से निकल के करोड़ों लम्बित मामले निपटाएँ तो न्यायालय की गरिमा बनी रहेगी।

वैसे जग हँसाई करवानी है तो दही हांडी की ऊँचाई निर्धारित करते रहिए जज साहब, कौन रोक सकता है आपको।

*लेखक टिक टोक का उपभोक्ता नहीं है, ना ही टिक टोक वाले से पैसे खाएँ है*

चीन ने बॉर्डर पर हमरे इंडियन आर्मी को दोखे से मारा था। और चीन अपने अप्प से हमरे देश के डाटा को उसे कर रहा था तभी इंडिया ने चीन अप्प को बंद कर दिया और जानकारी के लिया मेरी वेबसाइट पर चेक कर सकते है।

ये मेरी वेबसाइट का लिंक Tik Tok Ban in indian 2020 hindi

हा

भारत में TikTok प्रतिबंधित किए जाने के पीछे का कारण राष्ट्रीय सुरक्षा है । TikTok के साथ पूरे 59 चीनी एप्स पर प्रतिबंधित लगाया गया है ।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69 ए के तहत प्रतिबंध लागू किया गया है, जिसमें कहा गया है: "जहां केंद्र सरकार या उसके किसी अधिकारी को विशेष रूप से इस संबंध में अधिकृत किया गया है, वह संतुष्ट है कि ऐसा करना आवश्यक है या ऐसा करने में समीचीन है, * में भारत की संप्रभुता और अखंडता का हित, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा *, विदेशी राज्यों या सार्वजनिक व्यवस्था के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध या उपरोक्त से संबंधित किसी भी संज्ञेय अपराध के कमीशन को रोकने के लिए, यह उप

भारत में TikTok प्रतिबंधित किए जाने के पीछे का कारण राष्ट्रीय सुरक्षा है । TikTok के साथ पूरे 59 चीनी एप्स पर प्रतिबंधित लगाया गया है ।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69 ए के तहत प्रतिबंध लागू किया गया है, जिसमें कहा गया है: "जहां केंद्र सरकार या उसके किसी अधिकारी को विशेष रूप से इस संबंध में अधिकृत किया गया है, वह संतुष्ट है कि ऐसा करना आवश्यक है या ऐसा करने में समीचीन है, * में भारत की संप्रभुता और अखंडता का हित, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा *, विदेशी राज्यों या सार्वजनिक व्यवस्था के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध या उपरोक्त से संबंधित किसी भी संज्ञेय अपराध के कमीशन को रोकने के लिए, यह उप के प्रावधानों के अधीन हो सकता है। जायद जानक्री के लिए हमारी ये पोस्ट पढें Why TIKTOK Ban In India | भारत में क्यों हुआ बंद TikTok और 59 चाइनीज़ एप्स

टिक टॉक जो ऐप है वह चाइनीस था इसलिए हमारे प्रधानमंत्री ने इंडिया से बैन कर दिया

अब पता लग जायेगा कि लड़का वाकई में लड़का ही है

पहले थोड़ी परेशानी होती थी पहचानने में 😂😂😂😂

कहने का भावार्थ है माँओ को उनके लाल वापिस मिल जाएंगे

जो टिक टोक की गलियों में खो गए थे 😂😂😂😝

TikTok मेरे हिसाब से दूसरा सबसे बकवास ऐप है जिस मैंने पोकेमॉन गो के बाद अपनी लोकप्रियता तक पहुंचने के लिए देखा है। इसने मेरे व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम फीड को सफलतापूर्वक प्रदूषित कर रखा था।

मैंने कभी इस ऐप को इंस्टॉल करने की हिम्मत नहीं की। इसलिए इस ऐप को प्रतिबंधित करना मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता हैं। लेकिन जब औचित्य की बात आती है, तो मैं इसके प्रतिबंध का औचित्य साबित करने में बुरी तरह से विफल हूं।

वे कौन से कारण हैं जिनकी वजह से भारत में इसका प्रतिबंध लगा है?

  • 24 साल के लड़के ने टिकटोक वीडियो बनाते समय खुद को गोली मार ली।
  • तमिलनाडु के छात्र टिक टोक वीडियो बनाते समय एक दुर्घटना के शिकार हो गए।
  • नीलू-नी

फुटनोट

TikTok मेरे हिसाब से दूसरा सबसे बकवास ऐप है जिस मैंने पोकेमॉन गो के बाद अपनी लोकप्रियता तक पहुंचने के लिए देखा है। इसने मेरे व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम फीड को सफलतापूर्वक प्रदूषित कर रखा था।

मैंने कभी इस ऐप को इंस्टॉल करने की हिम्मत नहीं की। इसलिए इस ऐप को प्रतिबंधित करना मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता हैं। लेकिन जब औचित्य की बात आती है, तो मैं इसके प्रतिबंध का औचित्य साबित करने में बुरी तरह से विफल हूं।

वे कौन से कारण हैं जिनकी वजह से भारत में इसका प्रतिबंध लगा है?

  • 24 साल के लड़के ने टिकटोक वीडियो बनाते समय खुद को गोली मार ली।
  • तमिलनाडु के छात्र टिक टोक वीडियो बनाते समय एक दुर्घटना के शिकार हो गए।
  • नीलू-नीलू चुनौती से टकराव हुआ।
  • टिक टोक वीडियो बनाने के दौरान ट्रैक्टर के नीचे आने से आदमी की पंजाब में जान चली गई
  • टिक टिक वीडियो बनाते समय आदमी ने अपना गला काट लिया, जहां चोट के कारण बाद में उसकी मृत्यु हो गई

ये 5 शीर्ष कारण हैं जिनके कारण भारत में इस ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया गया। लेकिन इन दुर्घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है? टिकटोक या खुद लोग?


  • 2017 में, केवल भारत में लगभग 1.49 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं के कारण मारे गए। अगर टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाना न्यायसंगत है, तो सड़क पर लोगों के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध लगाना और भी जायज है।
  • भारत में हर घंटे एक छात्र आत्महत्या करता है। प्रति दिन 24 छात्र, जो अगर आप आगे की गणना करते हैं, तो प्रति वर्ष 61350 छात्र हमारी शिक्षा प्रणाली की विफलता और अवसाद के कारण मर जाते हैं।
    अगर टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाना उचित है, तो छात्रों को पढ़ाई करने से रोकना और भी जायज है।
  • लगभग भारत में 16 लाख लोग खराब स्वास्थ्य सेवा, डॉक्टरों की खराब गुणवत्ता, खराब चिकित्सा सुविधाओं, अस्पतालों में दवाओं की कमी, ऑक्सीजन की कमी आदि के कारण मर जाते हैं। आप उन अस्पतालों पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाते हैं जो बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहते हैं?
  • लगभग 259 लोग सेल्फी लेते वक्त अपनी जान गवां बैठे। अगर टिकटॉक पर बैन सही है तो मोबाइल का आगे का कैमरा भी बंद कर देना चाहिए।
  • रिवेंज पोर्न (बदले की आग में अपनी निजी वीडियो को पोर्न वेबसाइट में डालना) में कितनी मासूम लड़कियों की जाने ली। तो इस हिसाब से मोबाइल के पीछे का कैमरा भी बैन कर देना चाहिए।

दुर्घटनाएं होती हैं, लोग मरते हैं। उन मौतों को रोकने के लिए आपको जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। आपको सुविधाएं प्रदान करने की आवश्यकता है, आपको अपना सिस्टम बदलने की आवश्यकता है।

लेकिन प्रतिबंध लगाना एक आसान उपाय है। जागरूकता पैदा करने की जिम्मेदारी कौन लेगा, जागरूकता पर पैसा कौन खर्च करेगा? उन प्रणालियों को बदलने की जिम्मेदारी कौन लेगा?

तो सबसे आसान और सुरक्षित तरीका क्या है?

प्रतिबंध।

उपरोक्त सभी बातों के लिए समय किसके पास है?

इसलिए अपनी जिम्मेदारियों से दूर भागे, और प्रतिबंध लगा दे।

फुटनोट

जैसे अभी भारत में हालत बने हुए हुए है उससे लगता है की सरकार जल्द से जल्द सभी चिनीअप्प्स को बैन कर दे | भारत में टिकटोक के सबसे ज्यादा उपभोगता है और भारत में इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है | और जैसा की हम सभी जानते है की टिकटोक एक चाइनीस अप्प है | मेरे अनुमान से भारत में आने वाले एक दो महीनो में इस पर बैन लग जायेगा | कुछ दिन पहले टिकटोक वर्सेस यूयूबर्स खूब ट्रेंड किया था और लोगो ने टिकटोक की अवकात बता दी थी | टिकटोक की रेटिंग 4.8 से गिर कर 1.1 होगई थी |

प्रिय पाठक ...अगर आपको हमारा जवाब पसंद आया हो.... तो कृपया इस कंटेंट को उपवोट करे और हमारे प्रोफाइल को फॉलो कर हमें प्रोत्साहित करे ......सच

जैसे अभी भारत में हालत बने हुए हुए है उससे लगता है की सरकार जल्द से जल्द सभी चिनीअप्प्स को बैन कर दे | भारत में टिकटोक के सबसे ज्यादा उपभोगता है और भारत में इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है | और जैसा की हम सभी जानते है की टिकटोक एक चाइनीस अप्प है | मेरे अनुमान से भारत में आने वाले एक दो महीनो में इस पर बैन लग जायेगा | कुछ दिन पहले टिकटोक वर्सेस यूयूबर्स खूब ट्रेंड किया था और लोगो ने टिकटोक की अवकात बता दी थी | टिकटोक की रेटिंग 4.8 से गिर कर 1.1 होगई थी |

प्रिय पाठक ...अगर आपको हमारा जवाब पसंद आया हो.... तो कृपया इस कंटेंट को उपवोट करे और हमारे प्रोफाइल को फॉलो कर हमें प्रोत्साहित करे ......सच मानिये हिंदी में पूरा टाइप करना और कई साइट्स से इनफार्मेशन लेकर..... उसको रोचक ढंग से प्रस्तुत करने में बहुत मेहनत लगता है आपके इस छोटे से कार्य से हमे बहुत खुशी मिलती है ||

धन्यवाद ......||

राम राम जी

आपके लिए उत्तर शायद इससे मिल जाए क्योंकि अभी भी कुछ लोगों को कोई असर नहीं होता।

यह किसी ने शेयर किया था।

धन्यवाद

राम राम जी

आपके लिए उत्तर शायद इससे मिल जाए क्योंकि अभी भी कुछ लोगों को कोई असर नहीं होता।

यह किसी ने शेयर किया था।

धन्यवाद

जी नहीं बल्कि उसके बराबर का नया ऐप डेवलप करने पर ध्यान देना चाहिए । किस किस पर प्रतिबंध लगाएंगे आप ।

चाइना को 2019 में 43.7 करोड़ का मुनाफा हुआ था सिर्फ टिक टोक से। अब आप इसे भारत का फ़ायदा माने चाहे चाइना का नुक़सान। काफ़ी समय से चाइना का विरोध हो रहा था श्रीमान सोनम वांगचुक ने जनता से अपील की थी कि हम सबसे पहले चाइना के ऐप प्रयोग करना बंद करें और उसके बाद धीरे धीरे चाइना का सामान भी प्रयोग में ना लाए , लेकिन जनाब हम लोग तो भारतीय है बाते तो देशभक्ति की लंबी लंबी कर सकते हैं लेकिन काम नहीं, हा दोषारोपण जिसका बताए और जितना बताए कर सकते हैं। सिर्फ टिक टोक के भारत में 3 करोड़ 23 लाख यूजर थे दिसंबर 2019 तक , जब हाल ही में हमारे जवान शहीद हुए और विरोध हुआ तो गूगल प्ले स्टोर के अनुसार 50 हजार लोगो

चाइना को 2019 में 43.7 करोड़ का मुनाफा हुआ था सिर्फ टिक टोक से। अब आप इसे भारत का फ़ायदा माने चाहे चाइना का नुक़सान। काफ़ी समय से चाइना का विरोध हो रहा था श्रीमान सोनम वांगचुक ने जनता से अपील की थी कि हम सबसे पहले चाइना के ऐप प्रयोग करना बंद करें और उसके बाद धीरे धीरे चाइना का सामान भी प्रयोग में ना लाए , लेकिन जनाब हम लोग तो भारतीय है बाते तो देशभक्ति की लंबी लंबी कर सकते हैं लेकिन काम नहीं, हा दोषारोपण जिसका बताए और जितना बताए कर सकते हैं। सिर्फ टिक टोक के भारत में 3 करोड़ 23 लाख यूजर थे दिसंबर 2019 तक , जब हाल ही में हमारे जवान शहीद हुए और विरोध हुआ तो गूगल प्ले स्टोर के अनुसार 50 हजार लोगों ने टिक टोक हटा दिया , तो क्या बचे हुए पौने तीन करोड़ लोग जो अभी भी चीन को फ़ायदा पहुंचा रहे थे वो कौन थे, ये तो सिर्फ एक ऐप की बात है अगर सभी को देखे तो आंकड़ा बहुत बड़ा है । खैर धन्यवाद मोदी जी को जिन्होंने 59 चाइना ऐप को बैन कर दिया है।

भारत में टिक टॉक पर प्रतिबंध इसलिए लगाया क्या है क्योंकि मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद गूगल को पत्र लिखें इस पर रोक लगाने की अनुरोध की गई थी इसके बाद गूगल में टिक टॉक को भारत के लिए बंद कर दिया यह तो अपनी प्लेटफार्म से हटा दिया यह सब घटना इसलिए हुई क्योंकि टिक टॉक पर वीडियो बनाने के लिए कुछ बच्चों ने हाथ में पिस्तौल लेकर वीडियो बना रहे थे अचानक से पिस्तौल से गोली निकली और सामने वाले को लग गई जिससे उसकी डेथ हो गई और टिक टॉक पर पॉर्न वीडियोस पर रोक नहीं लग रहे थे

टिक टिक काफी सफल ऐप था।इसके करीब 47 crore डाउनलोड्स थे। पर सवाल यह है कि यह बेन क्यों और कैसे हुआ। तो पुलबामा में jesh-e-muhhamad हमले के चार दिन बाद आरएसएस की मूल इकाई एसजेएम ने पीएम को चिट्ठी लिखी :

जिसमे उन्होंने कहा कि CRPF पर आतंकी हमले ने काफी चोट पहुंचाई है।इसपर सभी भारतीयों का कर्तव्य है कि अंतिक्यों का समर्थन करने वाले देश का साथ नहीं देना चाहिए । टिक टिक,kwai,likee जैसे एप 20 crore से ज्यादा देशवासी यूज कर रहे हैं। और साथ ही साथ यह लोगों में अश्लीलता फैला रहे हैं। और इसकी चपेट में आसानी से देश के युवा ही नहीं बल्कि बच्चे भी आ रहे हैं। इसी को देखते हुए देश में टिक टोक सहित 58 अन्य ऐप्स

टिक टिक काफी सफल ऐप था।इसके करीब 47 crore डाउनलोड्स थे। पर सवाल यह है कि यह बेन क्यों और कैसे हुआ। तो पुलबामा में jesh-e-muhhamad हमले के चार दिन बाद आरएसएस की मूल इकाई एसजेएम ने पीएम को चिट्ठी लिखी :

जिसमे उन्होंने कहा कि CRPF पर आतंकी हमले ने काफी चोट पहुंचाई है।इसपर सभी भारतीयों का कर्तव्य है कि अंतिक्यों का समर्थन करने वाले देश का साथ नहीं देना चाहिए । टिक टिक,kwai,likee जैसे एप 20 crore से ज्यादा देशवासी यूज कर रहे हैं। और साथ ही साथ यह लोगों में अश्लीलता फैला रहे हैं। और इसकी चपेट में आसानी से देश के युवा ही नहीं बल्कि बच्चे भी आ रहे हैं। इसी को देखते हुए देश में टिक टोक सहित 58 अन्य ऐप्स को एप स्टोर और प्लेस्टोर से हटा दिया गया है। SJM ने कहा है कि तिक टोक जैसे संवेदनशील ऐप पर नजर रखने के लिए कोई अधिकारी नहीं है। इसके लिए एक अधिकारी भी नियुक्त करना चाहिए। उन्होंने कहा है की अश्लीलता के साथ साथ इं ऐप्स के प्लेटफॉर्म पर लोग अपनी संवेदनशील वीडियो को उपलाओड कर रहे हैं जो लोगों और बच्चों पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं। इसी के साथ इं ऐप्स को भारत में बें कर दिया गया है।

आपकी क्या राय है कि टिक टोक बेन होना चाहिए था या नहीं?

सच बात कहें तो एसजेएम ने जो चिंता जताई है वोह ठीक ही है क्यूंकि था पर लोग अपनी निजी जिंदगी की चीज़ों को भी पोस्ट कर देते हैं और साथ ही साथ लोग अपनी संवेदनशील वीडियो पोस्ट करते हैं जिन्हें हमारे युवा देखता है। जिसकी वजह से लोग अपना आधे से ज्यादा टाइम इन्हीं ऐप्स में बिताते हैं । और चीन को इनसे काफी बरी लाभ होता है । यह हमारे देश को काफी क्षीण बनता है और दूसरे देश दिन व दिन तरक्की करता जा रहा है। लोगों को पता नहीं है पर वह अपना सारा तीन यहीं बिताते है।पर जैसे ही हर सिक्के के दो पहलू होते हैं वैसे ही यहां भी ऐसा है कई लोगों का यह टैलेंट भी था और कई लोग यहां एजुकेशन जैसी जानकारियां भी देते थे। पर एक की करनी की सजा भुगतनी पड़ती है।

अगर आपको जवाब पसंद आया हो तो अपवोट जरूर करें

पड़ने के लिए धन्यवाद।

वैसा कोई भी संस्था, संगठन, व्यपार या समूह जिसका परिचालन राष्ट्रहित के विपरीत हो उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर देना चाहिए।

लेकिन यह सरकार के हाथ मे है, आम जनता सिर्फ उनका बहिष्कार ही कर सकती हैं। सरकार को भी अपना निर्णय पूर्ण रूप से जाँच पड़ताल करके करना चाहिए।

रही बात tiktok की तो मेरा मानना है कि तात्कालिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे भारत मे प्रतिबंधित कर देना चाहिए।

हालांकि इससे बहुत सारे भारतीयों का भी हित प्रभावित होगा जो tiktok पर ज्यादा active है पर राष्ट्रहित सर्वोपरि होता है।

चाइना भारत का डाटा नहीं चुरा पाए इसलिए!

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Tik Tok Ban - भारत में टिक टॉक डाउनलोड नहीं किया जा सकता है, क्योंकि गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर ने इसे ब्लॉक कर दिया है. हालांकि थर्ड पार्टी ऐप स्टोर्स का नहीं कहा जा सकता है. टिक टॉक का कहना है उन्हें भारतीय न्यायिक प्रणाली पर पूरा विश्वास है.

Representational Image

भारत में TikTok के 12 करोड़ मंथली ऐक्टिव यूजर्स हैं. मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर से इस ऐप को हटा लिया गया है. यानी अब नए यूजर्स इसे डाउनलोड नहीं कर पाएंगे. लेकिन ऐसा नहीं है कि इस ऐप ने काम करना बंद कर दिया है और इसे आप यूज नहीं कर पाएंगे.

मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद टिक टॉक का ये बयान आया

Tik Tok Ban - भारत में टिक टॉक डाउनलोड नहीं किया जा सकता है, क्योंकि गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर ने इसे ब्लॉक कर दिया है. हालांकि थर्ड पार्टी ऐप स्टोर्स का नहीं कहा जा सकता है. टिक टॉक का कहना है उन्हें भारतीय न्यायिक प्रणाली पर पूरा विश्वास है.

Representational Image

भारत में TikTok के 12 करोड़ मंथली ऐक्टिव यूजर्स हैं. मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर से इस ऐप को हटा लिया गया है. यानी अब नए यूजर्स इसे डाउनलोड नहीं कर पाएंगे. लेकिन ऐसा नहीं है कि इस ऐप ने काम करना बंद कर दिया है और इसे आप यूज नहीं कर पाएंगे.

मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद टिक टॉक का ये बयान आया

हम मद्रास हाई कोर्ट द्वारा अरविंद दारत को कोर्ट में इंडिपेंडेंट काउंसिल अप्वाइंट करने के फैसला का सम्मान करते हैं. हमें भारतीय न्यायिक प्रणाली में विश्वास है और हमें इस बात को लेकर आशावादी हैं जिससे भारत में लगातार 120 मिलियन से ज्यादा मंथली ऐक्टिव टिक टिक यूजर्स इस ऐप को यूज करते रहेंगे.

गौरतलब है कि टिक टॉक की पेरेंट कंपनी बाइट डांस है और इसके तहत कई ऐप्स आते हैं. ये चीन की कंपनी है और न्यूज रीडिंग ऐप की वजह से इसकी शुरुआती कमाई हुई. लेकिन टिक टॉक के बाद से ये ज्यादा पॉपुलर हुई है इन्वेस्टर्स ने इसमें निवेश करना शुरू किया और इसकी वैल्यू 75 बिलियन डॉलर की हो घई.

भारत टिक टॉक के लिए बड़ा मार्केट है और कंपनी यहां इसे बनाए रखने के लिए हो सकता है अपनी पॉलिसी में भी बदलाव करेगी. रिपोर्ट के मुताबिक टिक टॉक ने कुछ ही समय पहले अपने कॉमेन्ट्स में फिल्टर्स लगाने शुरू किए हैं.

टिक टॉक के एक प्रवक्ता ने न्यूज18 को बताया है कि कंपनी ने यूजर्स के अकाउंट सेफ्टी के लिए कई कदम उठाए हैं. यूजर्स किसी भी गाइडलाइन के वायलेशन को रिपोर्ट कर सकते हैं. यूजर्स किसी अकाउंट को रिपोर्ट कर सकते हैं और हाल ही में टिक टॉक ने कॉमेन्ट सेक्शन में भी फिल्टर लगाया है जिससे यूजर्स सेल्फ डिफाइंड वर्ड्स हिंदी या इंग्लिश चुन सकते हैं, ताकि जो उन्हें पसंद न हो कोई कॉमेन्ट न कर सके.

हालांकि टिक टॉक द्वारा उठाए गए ये कदम से शायद कोर्ट को कोई असर न हो, क्योंकि ने इसे इसलिए ब्लॉक करने का आदेश दिया है क्योंकि ये पॉर्न और बच्चों में यौन हिस्सा को बढ़ावा देता है. लेकिन टिक टॉक ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक स्टेटमेंट जारी नहीं किया है न ही ये कहा है कि कोर्ट के इस फैसले पर क्या कहना है.

कुल मिला कर ये है कि नजदीक भविष्य में टिक टॉक पर बैन जारी रह सकता है. हमने टिक टॉक से कोर्ट के इस फैसले और गूगल और ऐपल द्वारा ऐप ब्लॉक करने पर स्टेटमेंट मांगा है.

Tik Tok रेसिजम को बढ़ावा देता है।

टिक-टोक पर ऐसे अनेक वीडियो है, जिसमे वीडियो निर्माता पहले तो सावले रंग में स्क्रीन के सामने आते है, और फिर म्यूजिक बजते ही, फ़िल्टर लगा के गोर होते है, इससे आजकल के नवजवान बच्चो के मन में यही बात रह जाती है, की गोरा होना अच्छा है, और इसी कारण काले लोगो के साथ भेदबहाव होता है। देश के बच्चो में इसे बुरा असर पड़ता है, और समाज में रेसिजम बढ़ती है। और अगर किसी देश के लोगो में अगर रेसिजम होती है, तो उस देश में दंगे फसाद होना आम बात हो जाती है। और इससे पूरे देश पर असर होता है, वो भी उस ऍप से जो हमारे देश का भी नही है

टिक-टोक हमारा डाटा लीक करता है।

टिक-टोक हमारे देश का ऍप न

Tik Tok रेसिजम को बढ़ावा देता है।

टिक-टोक पर ऐसे अनेक वीडियो है, जिसमे वीडियो निर्माता पहले तो सावले रंग में स्क्रीन के सामने आते है, और फिर म्यूजिक बजते ही, फ़िल्टर लगा के गोर होते है, इससे आजकल के नवजवान बच्चो के मन में यही बात रह जाती है, की गोरा होना अच्छा है, और इसी कारण काले लोगो के साथ भेदबहाव होता है। देश के बच्चो में इसे बुरा असर पड़ता है, और समाज में रेसिजम बढ़ती है। और अगर किसी देश के लोगो में अगर रेसिजम होती है, तो उस देश में दंगे फसाद होना आम बात हो जाती है। और इससे पूरे देश पर असर होता है, वो भी उस ऍप से जो हमारे देश का भी नही है

टिक-टोक हमारा डाटा लीक करता है।

टिक-टोक हमारे देश का ऍप नही है, और वह चीन देश का है, जिस पर पहले भी कही सारे आरोप लगे हुए है, जनता का डाटा चुराने पर। और आजके युग में डाटा से कीमती कोई चीज नही है, और हम हमारा डाटा किसी को भी ऐसे ही नही दे सकते। अगर आप टिक-टोक ऍप इस्तेमाल करते है, तो आपको हर एक चीज की परमिशन देनी पड़ेगी, टिक-टोक ऍप आपके फ़ोन के ज्यादातर चीजो को एक्सेस करने की परमिशन मांगता है, और उससे आपका डाटा लेता है। और जबकि चीन में चीन ने बहार की हर एक चीज पर बैन लगा रखा है, जैसे की वहाँ पर यूट्यूब नही चलता, यूट्यूब की जगह यूको चलाना पड़ता है, क्रोम की जगह यूसी ब्राउज़र, व्हाट्सएप्प की जगह वी-चैट, यानी वहाँ की सरकार यह चाहती है, की वह दुनिया का डाटा ले सके और अपना डाटा किसी को ना दे। और चीन एक सुपरपावर देश बन रहा है।

Tik Tok पर सिर्फ बकवास कंटेंट है

Tik Tok बकवास कंटेंट से पूरी तरह से तो नही भरा हुआ लेकिन ज्यादतर उसका कंटेंट बकवास है, जिसमे ज्यादतर किसी बॉलीवुड गाने पर लिप्सिंग, काले से गोरा होना, और भी ऐसी कही सारे चीजे जो हमारी किसी काम की नही है। इसे देख कर हमारा सिर्फ वक़्त बर्बाद होता है। और इससे हमारे देश के बच्चे मैनिपुलेट होते है, इस करने पर और यह सिर्फ वक़्त की बर्बादी है।

Tik Tok देखने से फोकस करने की क्षमता कम होती है

टिक-टोक में एक वीडियो लगभग 15 से 20 सेकंड की होती है, और हमारा दिमाग एक वीडियो पर जैसे ही फोकस करता है, दूसरी वीडियो शुरू हो जाती है, जिससे दिमाग का फोकस टूट जाता है, और ऐसा एक दिन में बहोत बार होता है, दिमाग का फोकस कण्ट्रोल बहोत काम हो जाता है, उसे हर 15 से 20 सेकंड में कोई न कोई दूसरी वीडियो देखनी पड़ती है, और सिर्फ आजसे 20 साल पहले के लोगो का फोकस करने का समय लागभह 12 सेकण्ड्स था और अब सिर्फ 8 सेकण्ड्स हो गया है। और ऐसे ही और कम होता जा सकता है, अगर ही टिक-टोक चलते रहे तो।

Tik Tok में चाइल्ड पॉलिसीस बिलकुल भी सख्त नही है।

टिक-टोल पहले भी बैन हुआ था, क्योकि इस ऍप में चाइल्ड को कोई प्रोटेक्शन नही है, एक बच्चे के सामने केसी भी वीडियो आ रही है, जो उसके सामने नही आणि चाहिए वह भी आ रही है, इसीलिए टिक-टोक को पहले भी वार्निंग मिली थी, लेकिन ऍप में पॉलिसीस को चेंज नही किया इसीलिए अभी फिर से यूएस गवर्मेंट ने इस ऍप को फिर से वार्निंग दी है। अगर यह ऍप पॉलिसीस को चेंज नही करता तो यह फिर से बैन हो सकता है।

Tik Tok आजकल इतनी ख़राब रेटिंग क्यों मिल रही है?

टिक-टोक पहले प्ले स्टोर पर 4.5 की रेटिंग थी, लेकिन अभी वह 1.3 की हो गयी है। इसका कारण है, कैर्रीमिनाती की वीडियो का बहोत चलना और फिर अचानक से डिलीट होना। कैर्रीमिनाती की यूट्यूब वर्सेज टिक-टोक वीडियो ने काफी सारे रेकोड्स तोड़े लेकिन यूट्यूब ने यह वीडियो हटा दी और जितने भी कैर्रीमिनाती के फैन्स है, वह काफी भड़क गए और इसी कारण टिक-टोक को इतनी ख़राब रेटिंग मिल रही है।

जी हाँ अभी अभी कुछ देर पहले सरकार ने Tik Tok जैसे और कई चाइनीज ऐप्स को बदं करने का बड़ा फैसला लिया हैं।

भारत-चीन तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 59 चाइनीज ऐप पर रोक लगाने का फैसला लिया है। बैन किए गए ऐप में मशहूर टिक-टॉक (Tik Tok Ban) ऐप भी शामिल है। इसके अलावा यूसी ब्राउजर, कैम स्कैनर जैसे और भी बहुत फेमस ऐप शामिल हैं। इससे पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से चाइनीज एप की एक लिस्ट तैयार कर केंद्र सरकार से अपील की थी इनको बैन किया जाए या फिर लोगों को कहा जाए कि इनको तुरंत अपने मोबाइल से हटा दें। इसके पीछे दलील ये दी गई थी कि चीन भारतीय डेटा हैक कर सकता है।

भारत और चीन के बीच

जी हाँ अभी अभी कुछ देर पहले सरकार ने Tik Tok जैसे और कई चाइनीज ऐप्स को बदं करने का बड़ा फैसला लिया हैं।

भारत-चीन तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 59 चाइनीज ऐप पर रोक लगाने का फैसला लिया है। बैन किए गए ऐप में मशहूर टिक-टॉक (Tik Tok Ban) ऐप भी शामिल है। इसके अलावा यूसी ब्राउजर, कैम स्कैनर जैसे और भी बहुत फेमस ऐप शामिल हैं। इससे पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से चाइनीज एप की एक लिस्ट तैयार कर केंद्र सरकार से अपील की थी इनको बैन किया जाए या फिर लोगों को कहा जाए कि इनको तुरंत अपने मोबाइल से हटा दें। इसके पीछे दलील ये दी गई थी कि चीन भारतीय डेटा हैक कर सकता है।

भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों ही देशों की सेनाएं आमने-सामने डटी हुई हैं। इसी बीच भारत ने ये बड़ा कदम उठाकर साफ कर दिया है कि भारत किसी भी स्तर पर झुकेगा नहीं। केंद्र सरकार ने 59 ऐप्स पर बैन लगा दिया है। इसमें से कुछ ऐप ऐसे हैं जो हर मोबाइल में आपको आसानी से मिल जाएंगे।

ये ऐप्स भारतीय संप्रुभता, सुरक्षा और अखंडता पर घातक हमला कर रहे थे। चीन इन ऐप्स के सहारे भारतीय डेटा के साथ छेड़छाड़ कर सकता था। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने सरकार को इन एप्स की एक लिस्ट तैयार कर पहले ही सौंप दी थी। इसके बाद सरकार ने अपने स्तर पर इन ऐप्स की जानकारी ली और जब उनको लगा कि वाकई ये ऐप्स भारतीय सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं तो तुरंत इनको बैन करने का फैसला किया।

🙏🙏 आपसे भी मेरी यही आग्रह है कि कृपया करके इन सभी एप्स को अपने मोबाइल फोन से डिलीट कर दें नहीं तो आपके फोन से भी अब डाटा लीक होने का डर है ।

हमें अपने भारत देश की मदद करना है ना की किसी और दुश्मन देशों की।

जय हिन्द जय भारत ।

धन्यवाद ! 🙏🙏🙏🙏🙏

चित्र स्त्रोत - गूगल ।

क्या आप इस लड़की को जानते हैं?

चित्र स्रोत: google images

वह रेणुका पंवार, गायिका हैं जो बहुत प्रतिभाशाली, मेहनती और संघर्षशील हैं। ईमानदारी से, मुझे लगता है कि वह अधिक प्रसिद्धि की हकदार है, वह नियमित रूप से काम की हकदार है, वह अच्छे पैसे की हकदार है क्योंकि उसने बहुत मेहनत की है और अपने बहुत ही मुश्किल दिनों में गायन के लिए समर्पित और ध्यान केंद्रित किया है। वह उसका इंस्टाग्राम प्रोफाइल है, बस संख्या पर एक नज़र डालें अनुयायियों की।

उसकी कड़ी मेहनत और अभ्यास के वर्षों ने अभी से भुगतान करना शुरू कर दिया है। उनका गीत '' खुदा की इनायत है, हम जो मिल गया है '' उनका सर्वश्रेष्ठ गीत है। इस खूबसूरत गीत

क्या आप इस लड़की को जानते हैं?

चित्र स्रोत: google images

वह रेणुका पंवार, गायिका हैं जो बहुत प्रतिभाशाली, मेहनती और संघर्षशील हैं। ईमानदारी से, मुझे लगता है कि वह अधिक प्रसिद्धि की हकदार है, वह नियमित रूप से काम की हकदार है, वह अच्छे पैसे की हकदार है क्योंकि उसने बहुत मेहनत की है और अपने बहुत ही मुश्किल दिनों में गायन के लिए समर्पित और ध्यान केंद्रित किया है। वह उसका इंस्टाग्राम प्रोफाइल है, बस संख्या पर एक नज़र डालें अनुयायियों की।

उसकी कड़ी मेहनत और अभ्यास के वर्षों ने अभी से भुगतान करना शुरू कर दिया है। उनका गीत '' खुदा की इनायत है, हम जो मिल गया है '' उनका सर्वश्रेष्ठ गीत है। इस खूबसूरत गीत ने पिछले चार महीनों में 19 मिलियन दृश्य पार कर लिए हैं फिर भी उन्हें अपने काम के लिए पर्याप्त मान्यता नहीं है, न ही उन्हें वह ख्याति मिली जिसके वे हकदार थे। इस गाने से उन्हें बॉलीवुड के कुछ अच्छे प्रोजेक्ट लाने में मदद मिली होगी, लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि उन्हें कोई ऑफर मिला है।

क्या आप इस लड़की को जानते हैं?

वह एक टिक टोक उपयोगकर्ता है, जिसके 2.7 मिलियन अनुयायी हैं। वह प्रसिद्ध नहीं थीं, लेकिन उन्होंने 'खुदा की इनायत ..' गाने की डबिंग की, जो वायरल हो गई और वह रातोंरात सुपरस्टार बन गईं, उनके डब किए गए वीडियो को 23.8 मिलियन लाइक्स मिले। उसने क्या किया? बस गीत पर कुछ अभिव्यक्ति दी जो उसकी नहीं है।

इंडिया टुडे न्यूज चैनल ने इस युवा लड़की की प्रसिद्धि की प्रशंसा करते हुए वेबसाइट पर एक वीडियो प्रकाशित किया।

आजतक ने उनके डब किए गए वीडियो, दैनिक भास्कर, स्थानीय मराठी अखबारों और कई सामग्री लेखकों ने लेख लिखे और इंटरनेट पर इसे प्रकाशित किया।

किसी ने भी मूल गायक या संगीतकार के बारे में कुछ भी उल्लेख नहीं किया है। क्या आपको लगता है कि यह नैतिक रूप से सही है? अब आप तय करें, गीत का श्रेय किसे चाहिए? कौन प्रसिद्ध होना चाहिए, जो इस टिकटोक लड़की या मूल गायक की खबर में होना चाहिए?

TikTok में एक ऐसी प्रणाली नहीं है जो एक अच्छी प्रतिभा को पहचान और बढ़ावा दे सकती है लेकिन यह एक प्रतिभा के भ्रम को बढ़ावा दे रही है। यह लोगों को नकली विश्वास दिलाता है इसलिए मेरा मानना ​​है कि टिटक प्रतिबंध बहुत आवश्यक था।

संपादित करें 1: आज मैंने खबर में पढ़ा कि चीन हार रहा है, टिक्टॉक पर भारत के प्रतिबंध के कारण प्रति दिन 500,000 डालर .. !!!

संपादन 2: इस उत्तर को 15k से अधिक अपवोट प्राप्त हुए हैं। धन्यवाद । कृपया निम्नलिखित कहानी पढ़ें और मुझे बताएं कि यह कैसी है। कृपया लाइक करें और शेयर करें। धन्यवाद

https://blisspeacein.wordpress.com/2020/04/17/story-of-my-extra-marital-affair-18-only/amp/

इस वक्त एक ऐसे ही टिकटॉक स्टार फैज़ल सिद्दीकी की वजह से टिकटॉक विवादों में हैं। वीडियो प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक वीडियो को लेकर महिला आयोग ने संज्ञान भी लिया है। लेकिन यह पहली बार नहीं है, जब टिकटॉक विवादों में आया हो। पहले भी भारत समेत दुनिया के कई देश इस पर बैन लगा चुके हैं।

टिकटॉक को लेकर वर्तमान विवाद फैज़ल सिद्दीकी नाम के एक यूजर्स के वीडियो से शुरू हुआ। फैज़ल के एक वीडियो पर एसिड अटैक को बढ़ावा देने का आरोप लगा। इसके बाद इस मुद्दे पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया और पुसिल से एक्शन लेने को कहा।

Watch Full Video here :

Ashutosh Semwal on Twitter

इस वक्त एक ऐसे ही टिकटॉक स्टार फैज़ल सिद्दीकी की वजह से टिकटॉक विवादों में हैं। वीडियो प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक वीडियो को लेकर महिला आयोग ने संज्ञान भी लिया है। लेकिन यह पहली बार नहीं है, जब टिकटॉक विवादों में आया हो। पहले भी भारत समेत दुनिया के कई देश इस पर बैन लगा चुके हैं।

टिकटॉक को लेकर वर्तमान विवाद फैज़ल सिद्दीकी नाम के एक यूजर्स के वीडियो से शुरू हुआ। फैज़ल के एक वीडियो पर एसिड अटैक को बढ़ावा देने का आरोप लगा। इसके बाद इस मुद्दे पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया और पुसिल से एक्शन लेने को कहा।

Watch Full Video here :

Ashutosh Semwal on Twitter

हाँ हाँ हाँ हो गया है मेरे भाई

यकीन कर 😭😭🙏🙏

भारत में Twitter का काम केवल नकारतमकता और hate फैलाना है । यह भाजपा / कांग्रिस के मंत्री चाहे जितनी hate speech और provocative statement दे दे लेकिन अगर आम आदमी ऐसा कुछ करे तो उस पर केस हो जाता है ।

पॉर्नग्राफ़िक फ़िल्में भारत में बैन है लेकिन Twitter पर केवल एक क्लिक दूर है ।

Twitter किसी की शिकायत पर कोई कदम भी नही उठाता। और पॉर्न सामग्री को डिलीट भी नही करता ।

यह बंद होना ही चाहिए ।

यह ऐप केवल हैलो फ्राइड्स मैं सनी लियोन हूँ और मैं मिया खलीफा हूँ के लिए है, केवल 5% टैलेंनट लोग है

मुझे खुशी है कि भारत में tiktok पर प्रतिबंध लगा दिया गया है क्योंकि मैंने tiktok को जल्दी से हटा दिया है क्योंकि tiktok ज्ञानवर्धक ऐप नहीं है। इसके लिए इस एप्लिकेशन का उपयोग केवल समय बरबाद के लिए है।

यह ऐप केवल हैलो फ्राइड्स मैं सनी लियोन हूँ और मैं मिया खलीफा हूँ के लिए है, केवल 5% टैलेंनट लोग है

मुझे खुशी है कि भारत में tiktok पर प्रतिबंध लगा दिया गया है क्योंकि मैंने tiktok को जल्दी से हटा दिया है क्योंकि tiktok ज्ञानवर्धक ऐप नहीं है। इसके लिए इस एप्लिकेशन का उपयोग केवल समय बरबाद के लिए है।

भारत जो कि पहले सोने की चिड़िया हुआ करती थी जिसके पंख किसी जमाने मे बहुत ही चमकदार हुआ करते थे।(सोने की चिड़िया से आशय है आत्मनिर्भर प्रत्येक एरिया में आगे) इस सोने की चिड़िया को देखकर हज़ारों किलोमीटर दूर अंग्रेज़ लूटरे चुम्बक की तरह खींचे चले आये थे और आज यही सोने की चिड़िया फीकी हो गयी।

29 जून 2020 इस तारीख को भारत सरकार द्वारा चीन के 59 ऍप्स को सेक्शन 69A इनफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के तहत भारत मे प्रतिबंधित कर दिया गया।इस निर्णय को कुछ लोगों द्वारा भारत सरकार की एक वर्चुअल स्ट्राइक की संज्ञा दी जा रही है।यह एक अच्छा कदम है किन्तु यह प्रतिबंध पूर्ण न होकर अस्थाई है जिसे कभी भी बदला जा सकत

भारत जो कि पहले सोने की चिड़िया हुआ करती थी जिसके पंख किसी जमाने मे बहुत ही चमकदार हुआ करते थे।(सोने की चिड़िया से आशय है आत्मनिर्भर प्रत्येक एरिया में आगे) इस सोने की चिड़िया को देखकर हज़ारों किलोमीटर दूर अंग्रेज़ लूटरे चुम्बक की तरह खींचे चले आये थे और आज यही सोने की चिड़िया फीकी हो गयी।

29 जून 2020 इस तारीख को भारत सरकार द्वारा चीन के 59 ऍप्स को सेक्शन 69A इनफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के तहत भारत मे प्रतिबंधित कर दिया गया।इस निर्णय को कुछ लोगों द्वारा भारत सरकार की एक वर्चुअल स्ट्राइक की संज्ञा दी जा रही है।यह एक अच्छा कदम है किन्तु यह प्रतिबंध पूर्ण न होकर अस्थाई है जिसे कभी भी बदला जा सकता है।इसमें सभी 59 ऍप्स को भारत सरकार के द्वारा 48 घण्टे का समय दिया गया है जिसमें डेटा प्राइवेसी से संबंधित जानकारियां मांगी गई है।।।

सवाल ये उठता है कि भारत सरकार ने ऐसा कदम उठाया ही क्यों?जब भारत मे इतनी बेरोजगारी है और टिक-टोक जैसी एप्प यह बेरोजगारी कुछ हद तक कम भी करती थी।इसका जवाब MINISTRY of information and technology के द्वारा दिया गया जिसमें इस एप्प को बैन करने का वास्तविक कारण बताया गया जिसमें कहा गया है कि यह एप्प चीनी कंपनियों द्वारा संचालित थी जिसमें भारत के डेटा को चीन द्वारा गलत तरीके से उपयोग किया जा सकता था और भारत के संप्रभुता और अखंडता को,देश की सुरक्षा के लिए और लोक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने इन सभी एप्प को अस्थायी रूप से बैन कर दिया है,किन्तु इसका एक और भी कारण हो सकता है वो है सीमा विवाद भारत और चीन की सीमा में कुछ दिन पहले दोनों देशों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें दोनों देशों के सैनिक शहीद हुए थे,इसके कारण भारत मे सरकार के खिलाफ काफी नाराज़गी थी उसी नाराज़गी को कम करने के लिए भारत सरकार को इस प्रकार की कदम उठानी पड़ी।।।।

भारत सरकार के इस निर्णय के बाद चीन का बौखलाना स्वाभाविक सी बात है।इसी कारण चीन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि-भारत सरकार का यह कदम भेदभाव और सेलेक्टिव है और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड और WTO के भी विरुद्ध है।भारत को पारदर्शिता अपनानी चाहिए और इसके साथ ही भारतीय consumer के हित्त को ध्यान में भी रखना चाहिए।यह सभी बातें चीन के दोहरे मापदंड को दर्शाता है क्योंकि चीन के यहाँ खुद ना ही गूगल, फेसबुक,व्हाट्सएप जैसी कोई एप्प चलाने की इज़ाज़त है और यह चीन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय ट्रेड के विरुद्ध नही है।।

भारत के द्वारा बैन 59 एप्प में से सबसे प्रचलित एप्प है टिक-टोक,uc browser,share it,xenderइत्यादि है।टिक-टोक चीन की ऐसी एप्प है जो भारत मे 30% लोगो द्वारा डाऊनलोड किया गया था और जिसके एक्टिव यूजर की संख्या 100 मिलियन से भी अधिक है चीन की सभी एप्प बाकी एप्प की तुलना में 45 परमिशन ज्यादा मांगती है इसी को देखते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने इस पर बैन लगा दिया था पर यह बैन अस्थायी था जैसे अभी सरकार ने किया है।

टिक-टोक जैसी एप्प केवल नफरत और भ्रामक प्रचार फैलाने का कार्य करती है जैसे-फेक न्यूज फैलाना किसी को भी मृत बता देना,अदरक निम्बू से गोर होने का राज़ बताना,कोई भी ऐसा वीडियो नही है जो चीन के खिलाफ हो तथा फूट डालो और राज करो कि नीति को अपनाना जैसे कभी धर्म में,तो कभी यूट्यूब vs टिकटोक इत्यादि जैसी नफरत फैलाना।।

इन सभी एप्प के अगर भारतीय विकल्प को देखे तो SHARE IT, XENDER के जगह SHARE ALL जो कि भारतीय एप्प है,टिक टोक,लईकी,KWAI के जगह SHARE CHAT जिसके पहले से ही 60 मिलियन यूजर है और इसके साथ ही CHINGARI,UC BROWSER की जगह JIO BROWSER इत्यादि विकल्प भारत के है और सरकार के इस कदम के बाद भारतीय इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा उत्साहित होंगे तथा जल्दी ही नई एप्प भी लांच हो सकती है।चीन के गुड्स को तो हम बैन नही कर सकते लेकिन डिजिटली वॉर हम कर सकते है।।।

इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद मेरा यही मानना है कि भारत सरकार का यह कदम बहुत ही अच्छा है क्योंकि डेटा 21st सदी का ऑक्सिजन है अर्थात डेटा की सुरक्षा आवश्यक है किंतु यह निर्णय जिन वजहों से लिया गया है वह उपयुक्त नही है क्योंकि यह लोगो को लग सकता है कि ये जवाबी कार्यवाही है चीन को किन्तु इससे बॉर्डर पर किसी भी प्रकार की कोई असर नही होगी लेकिन हां उन कम्पनियों को नुकसान जरूर होगा और डेटा प्राइवेसी की चिंता तो हर देश के साथ है भारत को DATA LOCALIZATION PRESENSE पर कार्य करना चाहिए(सभी जानकारी भारत मे) तथा इसके लिए एक LOCAL AUTHORITY भी नियुक्त करनी चाहिए जो इसकी देख-रेख करेगा और चीन के मुद्दे को राजनयिक और सैन्य तरीके से हल करना चाहिए क्योकिं हमारी निर्भरता अभी भी

प्रतिबंध लगे तो अच्छा है।